तनाव, बर्नआउट और मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियां हर समय उच्च स्तर पर है: जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एल.डी.एस. फूंकबाल | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

तनाव, बर्नआउट और मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियां हर समय उच्च स्तर पर है: जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एल.डी.एस. फूंकबाल | New India Times

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर 10 अक्टूबर को स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम मनाया जाता है ताकि जागरूकता के लिए समर्थन के साथ जागरूकता के द्वारा जीवन और समाज में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को बढ़ावा दिया जा सके। इसी उद्देश्य के साथ विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2024 जिला चिकित्सालय बुरहानपुर में मनाया गया। 2024 विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम कार्य स्थल पर मानसिक स्वास्थ्य का महत्व आधारित है, जो मानसिक स्वास्थ्य और कार्य के बीच महत्वपूर्ण संबंध को उजागर करती है। सुरक्षित स्वास्थ्य, कार्य वातावरण में मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक सुरक्षात्मक कारक के रूप में कार्य कर सकती है।

कलंक के भेदभाव और उत्पीड़न और अन्य स्थितियां जैसे जोखिमों के संपर्क में आने सहित स्वास्थ्य स्थितियां मानसिक स्वास्थ्य जीवन की समग्र गुणवत्ता और परिणाम स्वरूप काम पर भागीदारी या उत्पादकता को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण जोखिम पैदा कर सकती है। वैश्विक आबादी के साथ काम मे लगे होने के कारण यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता होती है कि कम मानसिक स्वास्थ्य के लिए जो सुमन को रोकता है और काम पर मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा और समर्थन करता है।

इससे अंतर्गत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर राजेश सिसोदिया, डीएचओ-1, डॉ कुरील,  डॉक्टर एल.डी.एस. फूंकवाल डीएचओ-1, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला न्यायालय बुरहानपुर से ज़िला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमान जय देव मानिक, जिला चिकित्सालय बुरहानपुर से डॉक्टर भूपेंद्र गौर आईएमओ, जॉइंट्स फेडरेशन अधिकारी श्री महेंद्र जैन, नशा मुक्ति केंद्र प्रभारी श्री मनोज अग्रवाल, महिला बाल विकास विभाग से श्रीमतीज्योति वाला मैंम एवं उनके सहयोगी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता एवं एएनएम ट्रेनिंग छात्राएं एवं बड़ी संख्या में मरीज एवं उनके जनमानस उपस्थित रहा।

कार्यक्रम का उद्देश्य संगठनों, समुदायों एवं लोगों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के लिए समर्थन के साथ जागरूकता फैलाना है एवं कार्य स्थल पर मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को बनाए रखना है। इसके अंतर्गत सेवा सदन महाविद्यालय के द्वारा के छात्र-छात्राओं द्वारा मानसिक स्वास्थ्य को लेकर वर्तमान में हो रही घटनाएं आत्महत्या, दुष्कर्म, सेक्सुअल एब्यूज, गेमिंग डिसऑर्डर, सोशल मीडिया दुरुपयोग पर जैसे घटनाओं को नाटक के द्वारा समाज तक संदेश दिया गया। अनुसूचित जाति उत्कृष्ट सीनियर छात्रावास शिकारपुर के छात्रों द्वारा एवं एएनएम ट्रेनिंग स्टूडेंट द्वारा मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चित्रकारिता की गई।

इस आयुष्मान  एवं स्वच्छता पखवाड़ा का भी संदेश  दिया गया एवं आयुष्मान एवं आभा आइडी कार्ड भी बनाए गए। जलगांव से डॉक्टर उल्हास राव महाविद्यालय से डॉ बबन राव ठाकरे साइकोलॉजिस्ट एवं डॉक्टर सही चोपडे जूनियर रेजिडेंट के द्वारा भी मानसिक विकारों के मरीजों का परीक्षण किया गया। मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र से भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमान संजय गुप्ता आनंदम संस्थान एवं आभार प्रदर्शन श्रीमती सीमा डेविड जिला चिकित्सालय मनकक्ष विभाग सीनियर नर्सिंग ऑफिसर द्वारा किया गया।

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