मराठवाड़ा के भरोसे जलगांव का इरिगेशन, पूर्वी खान्देश में मानसून कमजोर, गिरीश महाजन ने किया वाघुर डैम का जलपूजन | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

मराठवाड़ा के भरोसे जलगांव का इरिगेशन, पूर्वी खान्देश में मानसून कमजोर, गिरीश महाजन ने किया वाघुर डैम का जलपूजन | New India Times

जलगांव, धूलिया और नंदूरबार उत्तर महाराष्ट्र (खानदेश) के इन तीन जिलों में मानसून काफी कमजोर साबित हुआ है। पूर्वी जलगांव के इलाके मे बने वाघुर, हतनूर जैसे मध्यम आकार के सिंचाई प्रकल्प अन्य इलाको मे होने वाली वर्षा के भरोसे अपनी क्षमता की सुंदरता बिखेरते है। भाजपा नेता गिरीश महाजन ने हर साल की तरह वाघुर डैम लाभ क्षेत्र पहुंचकर जलपूजन किया। 1995 से 2009 की पारी तक महाजन को अपने भाषणों में कहते सुना गया कि “किसानों को कुछ नहीं चाहिए बस उनको खेती के लिए भरपूर पानी और 24 घंटा बिजली दे दो वे उसमें खुश होंगे”। वाघुर डैम के कारण 25/30 गांवों की जमीनों को पानी मिल गया पर वाघारी , शेंदूर्णी , लोहारा के 100 से अधिक गांवों के किसान अपनी खेती की सिंचाई के लिए आज भी मुफीद पानी से वंचित हैं। 1995 शिवसेना भाजपा सरकार में एकनाथ खडसे सिंचाई मंत्री थे तब जामनेर तहसील में इरिगेशन को लेकर बहुत काम किया गया।

क्षेत्र में जितने भी सिंचाई के तालाब बने हैं वो खडसे के कार्यकाल के हैं। इन्हीं कामों के बूते क्षेत्र में भाजपा के विस्तार को लेकर बतौर विधायक महाजन का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। 2011 से वाघुर लिफ्ट योजना का काम शुरू है जो अब तक पूरा नहीं हो पाया है। किसान चाहते है कि महाजन इस काम को जल्द अंजाम तक पहुंचाए जिससे कि 50 से अधिक गांवों के किसानों को खेती के लिए भरपूर पानी मिलेगा। भागपुर , शेलगांव बैरेज , तापी – पूर्णा – सूर नदी जोड़ , नार – पार , बोदवड लिफ्ट इरिगेशन जैसी सिंचाई की दर्जनों योजनाएं हैं जिन्हें पूरा करना महाजन का लक्ष्य रहा है जो दस साल तक सत्ता में रहने के बाद भी सफ़ल नहीं हो सका। राजनीति में सत्ता से संबंधित उतार चढ़ाव आते रहते है इसी बीच अपनी लोकप्रियता को बनाए रखना सभी नेताओं के लिए आसान नहीं होता, गिरीश महाजन इसमें अपवाद हो सकते हैं।

मरम्मत के बाद उखड़ी सड़क: खबर में छपा फोटो वाघुर डैम के लाभ क्षेत्र के ऊपर से गुजरने वाले गंगापुरी ब्रिज को जोड़ने वाली सड़क का है। राजमार्ग 44 की इस सड़क को दो महीने पहले मरम्मत कराया गया था। हल्की बारिश से सारा का सारा मटेरियल उखड़ चुका है। जामनेर से भुसावल तक पूरी सड़क ऐसी हि है। प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि GPS सिस्टम टेक्नोलॉजी से देश में सड़के बनी है तो कोई भी ज़िम्मेदार नागरिक इस सड़क के फोटोस को PMO से टैग कर सकता है।

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