मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी भोपाल की ओर से भोपाल के ट्राईबल म्यूज़ियम हॉल में 3 सितंबर मंगलवार को आयोजित एक गरिमामय समारोह में बुरहानपुर के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर, सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षक डॉक्टर जलील बुरहानपुरी को उनकी पुस्तक कुलियाते के खादिम के लिए बासित भोपाली स्टेट अवार्ड से सम्मानित किया है। इसके अतिरिक्त बुरहानपुर के एक और शायर और शिक्षक सैयद रियासत अली रियासत को पुस्तक जो बातें किताबों में है वह किरदार में आए और बुरहानपुर की एमपी के जावरा में प्रोफ़ेसर के पद पर पदस्थ बेटी डॉक्टर शबाना निकहत अंसारी को उनकी पुस्तक जावरा में नात गोई का ईरतेक़ा: एक तेहकीकी जाएज़ा को निदा फ़ाज़ली अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

यह पहला मौका है जब बुरहानपुर के तीन लेखकों को एक साथ अवार्ड के लिए चुना गया। ये अवार्ड भोपाल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में माननीय संस्कृति मंत्री मध्य प्रदेश शासन श्री धमेंद्र लोधी, मध्यप्रदेश सरकार उर्दू अकादमी भोपाल की डायरेक्टर एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायरा डॉ. नुसरत मेंहदी द्वारा प्रदत्त किया गया। बता दें कि मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी भोपाल द्वारा भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में 3 राष्ट्रीय और 11 प्रादेशिक अवार्ड दिए गए। जिसमें बुरहानपुर के तीन लोगों को शामिल किया गया था। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर डॉक्टर जलील बुरहानपुर बुरहानपुर के एक प्रखर हस्ताक्षर हैं। सभी अवॉर्ड पाने वाली हस्तियों को शॉल सर्टिफिकेट, मोमेंट एवं पुरुस्कार राशि का चेक भी इस अवसर पर माननीय मंत्री श्री धर्मेंद्र लोधी एवं उर्दू अकादमी की डायरेक्टर डॉ. नुसरत मेहंदी द्वारा भेंट किया गया।
डा जलील बुरहानपुरी की इस उपलब्धि का चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर है। बुरहानपुर सहित कई सोशल मीडिया ग्रुप में इस उपलब्धि पर तीनों अवॉर्ड पाने वालों को बधाई और शुभकामनाएं का सिलसिला निरंतर जारी है। डॉ. जलीलुर्रहमान को मिली इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चे (भारत) में महासचिव मध्यप्रदेश प्रभारी मुल्ला तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला, पत्रकारगण सर्वश्री अकील आज़ाद , इक़बाल अंसारी, शेख रईस आदि ने बुरहानपुर जिले को गौरवनित करने पर उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके मंगल में भविष्य की मंगल कामना की है।

