रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

मेघनगर नगर स्थित श्री राजेंद्र सूरी जैन ज्ञान मंदिर में ज्ञानतत्व तपोमय चातुर्मास हेतु विराजित पूज्य साध्वीजी भगवंत ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए धर्मबिंदु ग्रंथ के बारे में समझाते हुए कहा कि मानव को अपने जीवन में आश्रवो का त्याग करना चाहिए और संवर में रहते हुए परमात्मा की जो आज्ञा है उसका पालन करना चाहिए जिससे ही मानव का जीवन श्रेष्ठ बनता है। सामूहिक भद्रतप एवं सिद्धितप के 60 से अधिक तपस्वियों ने तप का 1 पड़ाव पूर्ण कर बियाशना का तप किया।

रजत कावड़िया ने जानकारी देते हुए बताया की आज के बियाशने का लाभ स्व. सेठ श्री सौभागमल स्व. श्रीमती शांतादेवी रूनवाल परिवार ने लिया।
अब इन तपस्वियों का अगला पड़ाव 2 उपवास का है और उसके पश्चात दिनांक 31 जुलाई को तपस्वियों का बियाशना आएगा।

