नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जून में महिला बालविकास विभाग की एक रिपोर्ट आई थी जिसमें जलगांव जिले में सबसे अधिक कुपोषित बच्चे जामनेर में पाए गए थे। सरकार में मंत्री और भाजपा के पावरफुल नेता गिरीश महाजन के निर्वाचन क्षेत्र की यह हकीकत आज की नहीं बल्कि बीते बीस साल की है। रिपोर्ट पर विपक्ष मानसून सत्र में ठीक उस तरह चुप रहा जैसे पुलिस थाने की लींचिंग पर खामोश रहा। जिलाधीश आयुष प्रसाद ने मोर्चा संभाला सर्वे रिपोर्ट के बाद कुपोषित बच्चों को जून के अंत में इलाज़ मुहैया कराया गया। मजे की बात यह है कि कुपोषण के शिकार इन बच्चों को अतिरिक्त दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की ओर से दानिशमंद लोगों की सहायता ली गई। ब्लॉक स्वास्थ अधिकारी डॉ राजेश सोनवने की ओर से सोशल मीडिया पर जारी प्रेस नोट के मुताबिक कोठारी उद्योग समुह की सदस्या ममता कोठारी दानी शख्सियत थी। डॉ मोनाली महाजन ने कुपोषण और आहार पर माताओं को मार्गदर्शन किया।

मौके पर बालविकास प्रकल्प अधिकारी संघमित्रा सोनार , रत्ना चौधरी , डॉ जयश्री पाटील , डॉ सीमा चंद्रशेखर पाटील , डॉ पल्लवी राउत , डॉ श्रुति महाजन , डॉ मनीषा पाटील , डॉ जितेंद्र पाटील, डॉ धनंजय पाटील, डॉ विजया पाटील, निशा तेली, चंद्रमणि सुरवाडे उपस्थित रहे। ज्ञात हो 10 हजार करोड़ के बजट वाला महिला बालविकास मंत्रालय 50 हजार करोड़ रूपए का कर्ज लेकर मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना का संचालन कर रहा है। वही दूसरी ओर कुपोषित बच्चों के भरण पोषण के लिए प्रशासन को धर्मात्माओं से आर्थिक सहायता लेनी पड़ रही है।
एक पेड़ मां के नाम : वन महोत्सव के उपलक्ष्य में न्यू इंग्लिश स्कूल मालदाभाडी ब्लॉक जामनेर की ओर से छात्रों के हाथों 200 पौधों का रोपण किया गया। भारतीय जैन संगठन , जैन सेवा मंडल , आदिनाथ ग्रुप , नवकार ग्रुप , जैन अलर्ट ग्रुप ने मिलकर 2000 पौधे लगाए है। प्रिंसिपल एस आर शेकोकार , वनपाल ज्योती धनगर , यू एल गाडेकर , सुमित मुनोत , अजय सांखला , ए जी पाटील , एन जी पाटील , मनोज जैन समेत मान्यवर उपस्थित रहे।

