नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जलगांव जिले के जामनेर शहर में 22 अप्रैल की रात 9/10 के बीच युवकों के दो गुटों में जमकर हाथापाई हुई जिसमें एक का सिर फोड़ दिया गया। पुलिस की मुस्तैदी और आम नागरिकों के सहयोग के कारण बिगड़ता मामला संभल गया। गोविंद महाराज संस्थान की ओर से हर साल की तरह तय रास्ते श्रीराम जी के रथयात्रा का आयोजन कराया गया। सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, जैसे ही यात्रा गांधी चौक पहुंची वैसे निगम तिराहे की खुली फोरलेन सड़क के बीचों-बीच डीजे पर मदहोश हो कर थिरक रहे युवकों में से किसी एक को कइयों ने मिलकर बुरी तरह से पीट दिया।सामुहिक मार पड़ने के कारण उसके सिर को चोट आई और चेहरा बिगड़ गया। पीड़ित के पक्ष में फोन घुमाकर भीड़ जुटाने के प्रयास को ध्वस्त करते पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया। शोभायात्रा देखने आए सैकड़ों बड़े बूढ़े, बच्चे और महिलाओं ने तमाशबीन भीड़ का हिस्सा होने से बचते हुए नागरिक बनकर घर का रास्ता पकड़ा। रथ को सम्मान पूर्वक अपने गंतव्य की ओर रवाना किया गया। रपट लिखवाने को लेकर हमेशा की तरह राजनीतिक हस्तक्षेप से भरा ड्रामा घंटों तक चलता रहा। देर रात बारा बजे के बाद सब कुछ सामान्य हो गया।
भस्म के तिलिस्म का कारनामा- रथ यात्रा में धार्मिक परंपरा का परिचय तथा प्रदर्शन कराने की मंशा से कलाकारों ने देवी देवताओं के सजीव रूप धारण किए थे। इसी कड़ी में सजे एक वाहन से खुली हवा में भस्म की वर्षा करवाई गई। भस्म पावडर का मोटा लेयर सीमेंट की सड़क पर जमा होता गया। रैली खत्म होने के बाद इस सड़क पर चलने वाले दर्जनों मोटर साइकिल सवार सरसराकर गिर गए। बाइक्स स्लीपिंग के इन हादसों को रोचकता से देखने वाले मासूम बच्चों ने बताया की आधे घंटे में 20 बाइक्स स्लिप हो कर गिर गई है। गाड़ियों के साथ साथ कइ सवारों को चोट भी आई। भस्म में इस्तेमाल किए गए तिलिस्म ने हादसों को निमंत्रण दिया। भस्म के नाम पर इस्तेमाल करी गई पावडर का सत्यापन होना चाहिए ताकि शोभायात्राओं में इसका उपयोग नियंत्रित किया जा सके।
