हाथियों द्वारा क्षतिग्रस्त चेन लिंक फेंसिंग का ठेकेदार ने किया निरीक्षण, कहा हाथियों जैसे बलशाली जानवर के लिए फेंसिंग कुछ भी नहीं | New India Times

फ़राज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ, बहराइच (यूपी), NIT:

हाथियों द्वारा क्षतिग्रस्त चेन लिंक फेंसिंग का ठेकेदार ने किया निरीक्षण, कहा हाथियों जैसे बलशाली जानवर के लिए फेंसिंग कुछ भी नहीं | New India Times

जनपद बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के विभिन्न रेंजों में चल रहे चेन लिंक फेंसिंग कार्य में गुणवत्ता की जांच के लिए बुधवार को मुख्य ठेकेदार ने दो दिन पूर्व हाथियों द्वारा क्षतिग्रस्त किए गए फेंसिंग का निरीक्षण किया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

हाथियों द्वारा क्षतिग्रस्त चेन लिंक फेंसिंग का ठेकेदार ने किया निरीक्षण, कहा हाथियों जैसे बलशाली जानवर के लिए फेंसिंग कुछ भी नहीं | New India Times

कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग अंतर्गत सदर बीट के गिरिजापुरी-कैलाशपूरी के मध्य निर्माण हुए चेन लिंक फेंसिंग का कुछ हिस्सा दो दिन पूर्व जंगली हाथियों के झुंड ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। जिसके बाद वन विभाग ने मामले को संज्ञान में लेकर इसकी सूचना मुख्य ठेकेदार को दी। बुधवार को फेंसिंग कार्य के मुख्य ठेकेदार एमडी विनायक विल्डर्स एंड सप्लायर समीर भार्गव ने वन क्षेत्राधिकारी अनूप कुमार व वन विभाग के अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में मौके का मुआयना कर फेंसिंग कार्य की जांच की जिसमें उन्होंने बताया कि कार्य गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए मानकों के अनुरूप किया गाय है। हाथियों द्वारा क्षतिग्रस्त किए गए फेंसिंग में कहीं भी नींव या जाली के ताके आदि पर कोई असर नहीं पड़ा है लेकिन हाथियों के बलशाली जानवर होने की वजह से एंगल टेढ़ा हुआ है जिससे फेंसिंग का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। उन्होंने बताया कि इसका पुनः निर्माण कराया जा रहा है लेकिन हाथियों के आगे कुछ भी नामुमकिन है क्योंकि वह एक विशाल बलशाली अधिक वजन वाला जानवर है इसके अलावा अन्य जानवर जैसे बाघ, तेंदुआ, आदि को आबादी कि ओर जाने में यह फेंसिंग पूरी तरह कारगर है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies. By continuing to use this site, you accept our use of cookies. 

Discover more from New India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading