मोदी सरकार के खिलाफ़ "रन" कर रहा है हिट एंड रन आन्दोलन, सड़कों पर उतरे ट्रक चालक, जावेद ने कहा कि अगर कानून वापिस नहीं लिया गया तो ज़िले में करेंगे चक्का जाम | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

मोदी सरकार के खिलाफ़ "रन" कर रहा है हिट एंड रन आन्दोलन, सड़कों पर उतरे ट्रक चालक, जावेद ने कहा कि अगर कानून वापिस नहीं लिया गया तो ज़िले में करेंगे चक्का जाम | New India Times

शीत सत्र के दौरान सेंगोल के दम पर और अहंकार से ग्रस्त मोदी सरकार ने विपक्ष को लोकसभा और राज्यसभा से बाहर कर भारतीय न्याय संहिता विधेयक को मंजूरी दे दी। बिल में हिट एंड रन के लिए धारा 106(2) का प्रावधान किया गया है जिसके तहत हादसा होने पर वाहन चालक को 7 लाख जुर्माना और 10 साल जेल की सजा मुकर्रर की गई है। बिल के खिलाफ़ देशभर के ट्रक चालक यूनियंस सड़कों पर उतरे तब गृह सचिव अजय भल्ला ने बताया कि AIMDC से चर्चा के बाद हि हिट एंड रन कानून को लागू किया जाएगा। मोदी सरकार बैक फूट पर चली गई फिर अचानक गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद सरकार फ्रंट फूट पर आ गई। महाराष्ट्र के कई ज़िलों मे हिट एंड रन के मुखालिफत में जगह-जगह पर आंदोलन जारी है।

मोदी सरकार के खिलाफ़ "रन" कर रहा है हिट एंड रन आन्दोलन, सड़कों पर उतरे ट्रक चालक, जावेद ने कहा कि अगर कानून वापिस नहीं लिया गया तो ज़िले में करेंगे चक्का जाम | New India Times

चरणदास मीडिया की ओर से भाजपा के गड़ के रूप में पेश किए जाते जामनेर में तीन संगठनों ने मिलकर रास्ता रोको आंदोलन किया है। खानदेश चालाक मालक, जय संघर्ष ड्राइवर यूनियन, ओनली ड्राइवर भाऊ संगठन जामनेर ने मिलकर रास्ता रोको आंदोलन किया। डॉ प्रशांत पाटिल, जावेद मुल्लाजी के नेतृत्व में संपन्न इस विरोध प्रदर्शन पर जावेद ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द विवादित कानून पर अपनी आधिकारिक भूमिका स्पष्ट कर इस कानून को वापिस ले। इस मामले में सरकार की तरफ़ से अगर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई तो हम लोग ज़िले में चक्काजाम कर देंगे। जमील शेख, हनीफ शेख, जाकिर शेख, रामदास पालवे, एकनाथ वाघ, सुशील वाणी, इकबाल शेख, रफीक शेख, पंकज माली, किरण पाटिल, संतोष रिचवाल, अनीस कुरैशी, सुपडू वाणी, उस्मान शेख, आदेश माली, गणेश रोकड़े समेत सैकड़ों वाहन चालक आंदोलन में शरीक हुए। ज्ञात हो कि Indian Pinal Code में मात्र 10% नया मिलाकर भारतीय न्याय संहिता का खाका बनाया गया है जिसे 25 दिसंबर 2023 को राष्ट्रपती ने मंजूरी दे दी है। NRC, CAA, NPR, कॉमन सिविल कोड, वन से शुरु होने वाली सैकड़ों नेशन थियरीस के मोर्चों पर केंद्र सरकार बुरी तरह पिट चुकी है।‌ भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में मोदी सरकार के दस साल के शासन काल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लच्छेदार भाषणों के लिए याद रखा जाएगा।


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