तारिक खान, रायसेन ( मप्र ), NIT;
रायसेन नगर पालिका शासन- प्रशासन की लापरवाही के कारण शहर की नाले -नालियों में जहां गंदगी से अटी हुई रहती हैं वहीं स्कूल ग्राउंड में भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
रायसेन नगर पालिका के वार्ड नम्बर 7, 8, 6 में गंदगी फैली हुई है। रायसेन नगर पालिका अध्यक्ष जमना सेन स्वच्छता को लेकर बड़े बड़े दावे करते हैं लेकिन उनके कुछ पार्षद उनकी इज़्ज़त उतारने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं। वार्ड नंबर 6 की पार्षद को शिकायत कर दो पर उनको कोई फर्क नही पड़ता, ऐसा नहीं है कि उनको मालूम नहीं होता है। ताज्जुब की बात तो ये है कि उनके निकलने का रास्ता भी यही है बस फर्क इतना है के वो इस गंदगी से लगभग 150 मीटर दूर रहती हैं। ये तो रही बात पार्षद की अब हम बात करते हैं रिटायर्ड नगर पालिका के एक कर्मचारि की जिनका मैं नाम लेना नही चाहता। वह भी वार्ड नम्बर 8 में रहते है इन्होंने तो अपने ही डिपार्टमेंट की सीएमओ के आदेश का पालन नहीं किया। दरअसल हम बात कर रहे हैं रायसेन नगर पालिका वार्ड नंबर 8 में आने वाले पानी के सम्मेल के एक क्वार्टर में रह रहे रिटायर्ड कर्मचारि सीएमओ नगर पालिका रायसेन द्वारा चार नोटिस देने के बाद भी वह क्वार्टर खाली नहीं कर रहे हैं। उसी क्वार्टर से लगा हुआ एक सरकारी स्कूल है, स्कूल के बिल्कुल सामने गोबर और कंडे देखने को मिलते हैं, वही बगल में स्कूल की तीनों दीवारों की तरफ गंदगी फैली हुई है। आप खुद इन तस्वीरों में देख सकते हैं। गंदगी के कारण स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राएं जो कि बेचारे मासूम है वह बीमारियों की चपेट में कभी भी आ सकते हैं।
स्कूल प्रबंधक से बातचीत में पता चला कि हमें नगर पालिका ने दो कर्मचारी सफाई के लिए दिए हैं लेकिन वह 15-15, 20 -20 दिन नहीं आते हैं। नगर पालिका कर्मचारियों का ये हाल है कि अगर नाली साफ करंगे तो गंदगी वही छोड़ जाएंगे फिर 2-3 दिन के बाद किसी की शिकायत पर उठाकर लेके जाएंगे। आज सुबह नाली साफ की और वहीं छोड़ गए, उन्हें मालूम है के वार्ड 6 की पार्षद कभी ध्यान नहीं देती हैं, बस उसी का फायदा नगर पालिका कर्मचारि उठाते हैं।
वही मासूम बच्चों का स्कूल की आधी छुट्टी के बाद खेलना भी दुश्वार है। पूरे ग्राउंड में गोबर और गंदगी के साथ अतिक्रमण के अलावा और कुछ नहीं है। कुछ दबंगों ने अपनी गाड़ियों को ग्राउंड के अंदर खड़ा कर उसको अपना पार्किंग स्थल बना लिया है और कुछ लोगों ने अपनी भैंसों का तबेला बना लिया है। अब बेचारे मासूम बच्चे खेलने के लिए कहां जायें। अब देखना यह है के नगर पालिका अध्यक्ष कब इन वार्ड का दौरा करते हैं।
