ग्वालियर शहर के नजदीक उदयपुर का नीम पर्वत ले रहा है पर्यटन स्थल का आकार | New India Times

पवन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

हरीतिमा की चादर ओढ़े खड़ीं ग्राम उदयपुर की पहाड़ियाँ पर्यटन स्थल व पिकनिक स्पॉट का रूप ले रही है। जिले में नीम व शीशम पर्वत के नाम से ये पहाड़ियाँ जानी जाती हैं। जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत द्वारा उदयपुर ग्राम पंचायत व वीर नारी स्व-सहायता समूह की मदद से ग्वालियर शहर के नजदीक ग्राम उदयपुर में स्थित इन पहाड़ियों पर उन तमाम सुविधाओं को जुटाया जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित हो सके। कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश चंदेल व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार ने रविवार को नीम पर्वत पहुँचकर यहाँ अब तक हुए कार्यों का जायजा लिया। साथ ही पर्यटन सुविधाओं से संबंधित सभी कार्यों को जल्द से जल्द धरातल पर लाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि उदयपुर के नीम व शीशम पर्वत को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ-साथ यहाँ पर्यटकों को होम स्टे की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जायेंगे। इसके लिये जल्द ही पंजीयन का काम शुरू किया जायेगा। उन्होंने कार्यों का जायजा लेने के दौरान कहा कि सभी सुविधाओं को इस प्रकार से मूर्तरूप दें, जिससे यहाँ की स्थानीयता की झलक साफ नज़र आए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश चंदेल ने कहा कि उदयपुर में पर्यटकों की सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त कदम उठाए जायेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नीम पर्वत को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में पुलिस हर संभव सहयोग करेगी।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार ने बताया कि नीम पर्वत को इस प्रकार से पर्यटन व पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे शहर से आने वाले पर्यटक यहाँ पर्वतीय एवं वनांचल क्षेत्र का अनुभव कर सुकून के पल गुजार सकें। उन्होंने बताया कि नीम पर्वत पर कैन्टीन, जन सुविधा केन्द्र, पर्यटकों के बैठने के लिये कलात्मक आकर्षक बैंच व टेंट की सुविधा मूर्तरूप ले रही है। साथ ही सुरक्षा को ध्यान में रखकर सम्पूर्ण नीम पर्वत के चारों ओर ऊँची बाउण्ड्रीवॉल बनाई गई है।

ज्ञात हो महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत ग्वालियर शहर के समीप जनपद पंचायत मुरार के ग्राम उदयपुर में नीम व शीशम पर्वत विकसित किए गए हैं। नीम पर्वत पर वर्ष 2011 में लगभग 20 हजार व शीशम पर्वत पर लगभग 15 हजार पौधे रोपे गए थे, जो अब पेड़ का आकार ले चुके हैं। इस क्षेत्र से गुजरने वाले लोगों को नीम व शीशम पर्वत की हरीतिमा दूर से ही आकर्षित करती है। नीम व शीशम पर्वत के निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी श्री अनुपम शर्मा तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

दाल-टिक्कर व स्थानीय लोक रंगों का लुत्फ भी उठा सकेंगे पर्यटक

नीम पर्वत को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में सहयोगी श्री जयेन्द्र सिंह राणा ने बताया कि नीम पर्वत पर बच्चों के लिये झूला घर व फिसलपट्टी सहित चिल्ड्रन पार्क विकसित किया जा रहा है। साथ ही नीम पर्वत की तलहटी में एक तालाब का जीर्णोद्धार किया गया है, जहाँ नौकायन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जायेगी। साथ ही पर्यटकों को दाल–टिक्कड़ सहित इस क्षेत्र के अन्य पारंपरिक व्यंजन भी अल्प शुल्क पर उपलब्ध होंगे। मनोरंजन के लिये स्थानीय लोक कलाकार भी अपनी विधा का प्रदर्शन करेंगे।


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