कलेक्टर द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर नियंत्रण एवं कार्यवाही हेतु की गई बैठक आयोजित | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बडोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

कलेक्टर द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर नियंत्रण एवं कार्यवाही हेतु की गई बैठक आयोजित | New India Times

धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर/डी.जे.) को अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदंड से अधिक आवाज में बजाने पर लगेगा प्रतिबंध। झाबुआ कलेक्टर सुश्री तन्वी हुड्डा की अध्यक्षता में धार्मिक स्थलों एवं अन्य स्थानों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित व नियम विरुद्ध प्रयोग पर नियंत्रण, कार्यवाही हेतु बैठक आयोजित की गई।

कलेक्टर द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर नियंत्रण एवं कार्यवाही हेतु की गई बैठक आयोजित | New India Times

बैठक में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ हरिशंकर विश्वकर्मा द्वारा बताया गया कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 यथासंशोधित एवं इस विषय में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण के नियंत्रण के संबंध में जारी दिशा निर्देशों के कड़ाई से अनुपालन कराने तथा ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित किए जाने के सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही हेतु निर्देश दिये गये हैं। जिसके अनुक्रम में शासन के संज्ञान में आया है कि विभिन्न धर्म स्थलों में निर्धारित डेसिबल का उल्लंघन करते हुए लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा रहा है। शोर से मनुष्य के काम करने की क्षमता, आराम, नींद और संवाद में व्यवधान पड़ता है। कोलाहल पूर्ण वातावरण के कारण उक्त रक्तचाप, बैचेनी, मानसिक तनाव तथा अनिद्रा जैसे प्रभाव शरीर में पाये जाते हैं। अधिक शोर होने पर कान के आंतरिक भाग की क्षति होने के प्रमाण पाये गये हैं। लाउडस्पीकरों और हार्न के यहां तक कि निजी आवासों में भी इस्तेमाल पर व्यापक दिशा निर्देश सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी किए गए हैं।

बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में उड़नदस्ते का गठन किया गया है। जिले के समस्त उड़नदस्तों का नोडल अधिकारी एक अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी स्तर का अधिकारी होंगे, जिसे जिला दण्डाधिकारी द्वारा नामित किया जाएगा। समस्त उड़नदस्तों द्वारा अपनी औचक जाँचों की रिपोर्ट सम्बन्धित क्षेत्राधिकार वाले प्राधिकारी के समक्ष प्रकरण में आगामी कार्यवाही हेतु प्रेषित की जाएगी तथा इस प्राधिकारी कार्यवाही कर उसकी सूचना मासिक रुप से जिला स्तर के नोडल अधिकारी को दी जाएगी। उडनदस्ते द्वारा की गयी प्रारम्भिक जाँच प्रतिवेदन एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर समुचित प्राधिकारी नियमों के उल्लंघनकर्ता प्रबन्धक/सम्बन्धित व्यक्ति को समुचित सुनवाई का अवसर प्रदान करने हेतु अविलम्ब विधिवत नोटिस जारी करने की कार्यवाही की जाए।

अनावेदक को सुनवाई का अवसर देने के उपरान्त प्राधिकारी, मजिस्ट्रेट यथावश्यक धारा- 133 दण्ड प्रक्रिया संहिता की कार्यवाही, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के सुसंगत प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के सुसंगत प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही, म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही विधिवत सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर सुश्री तन्वी हुड्डा द्वारा बताया गया कि निर्धारित मापदंड में ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जाए। इस तरह से हम मिल जुल कर शासन की मंशा अनुसार नियम का पालन करेंगे। ध्वनि विस्तारक यंत्रों को प्रातः06:00 से रात्री 10:00 बजे तक 55 डेसीबल एवं रात्री में 10 बजे पश्चात् 45 डेसीबल होना चाहिए।

पुलिस अधीक्षक अगम जैन द्वारा धार्मिक स्थलों एवं अन्य स्थानों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित मापदंड में करने को कहा गया एवं कहीं पर भी कोई नियम उलंघित ना हो। यदि कहीं पर भी कोई विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, तो प्रशासन को सूचित किया जाए। कलेक्टर द्वारा साइलेंट ज़ोन भी घोषित किए जाएगे।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अगम जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पी.एल.कुर्वे, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती आशा परमार, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एच.एस. विश्वकर्मा, सभी धर्मों के धर्मगुरु, संबंधित अधिकारीगण एवं आमजन उपस्थित रहे।


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