पचास खोखे लेकर विधायकों ने मतदाताओं को बेच दिया, कपास का उचित मूल्य दिलाने का वादा करने वाले गिरीश महाजन हैं कहां: एकनाथ खडसे | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

पचास खोखे लेकर विधायकों ने मतदाताओं को बेच दिया, कपास का उचित मूल्य दिलाने का वादा करने वाले गिरीश महाजन हैं कहां: एकनाथ खडसे | New India Times

2013 में हमने मोर्चा निकाला तब सरकार बदली, आज दस साल बाद इतिहास खुद को दोहराने जा रहा है, ऐसा दावा एकनाथ खडसे ने किया है। NCP (शरद पवार) की ओर से आयोजित आक्रोश मोर्चा मे खडसे बोल रहे थे। कपास का उचित मूल्य मांगने वाले गिरीश महाजन है कहां? सरकार द्वारा कपास को प्रति क्विंटल पांच हजार रुपए अनुदान मिलना चाहिए। कंपनिया किसानों को फसल बीमा का लाभ तत्काल प्रभाव से नहीं दे सकती तो सरकार अपनी तिजोरी से दे। पचास खोखो लेकर विधायकों ने मतदाताओं को बेच दिया है। मेरी बीमारी पर संदेह जताने वाले गिरीश महाजन को मैने चुनौती दी थी की वह साबित करें की मेरी बीमारी नाटक है मैंने कभी भी कमर के नीचे की बात नहीं की मेरे पास तो उनकी पूरी सूची है।

पचास खोखे लेकर विधायकों ने मतदाताओं को बेच दिया, कपास का उचित मूल्य दिलाने का वादा करने वाले गिरीश महाजन हैं कहां: एकनाथ खडसे | New India Times

कपास का विषय छोड़कर महाजन मेरी बीमारी के पीछे पड़ गए। गिरीश महाजन के पास करोड़ों रुपए की संपत्ति कैसे आई? रामेश्वर के नाम पर क्या क्या है? इन्होंने मेरी ED, CBI, इनकम टैक्स सब से जांच करवा ली पर मिला कुछ भी नहीं। खडसे ने कहा कि मुझे किसी की सहानुभूति की आवश्यकता नहीं है जनता का आशीर्वाद काफ़ी है। जिले में खुलेआम अवैध धंधे शुरू हैं, SP हफ्ताखोरी में मस्त हैं मैंने कई बार विधानसभा में आवाज़ उठाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं। विखे पाटिल जब से राजस्व मंत्री बने हैं तब से बालू नीति की धज्जियां उड़ गई हैं, माफिया राज चल रहा है। तीनों मंत्री जिले के लिए एक भी प्रोजेक्ट नहीं ला सके। 34 रुपए का सरकारी आदेश होने के बाद दूध संघ में किसानों से 28 रुपए प्रति लीटर दूध खरीदा जा रहा है। मराठा समाज को OBC में आरक्षण मिलना चाहिए यह मेरी स्पष्ट भूमिका है। NCP के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि सरकार ने सूबे के 40 ब्लॉक में अकाल घोषित किया है जिसकी समीक्षा होनी चाहिए। बीते डेढ़ सालों में इस सरकार ने अपने प्रचार प्रसार पर सरकारी तिजोरी से 700 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। आरक्षण के मामले पर सरकार की राय बंटी हुई है मुख्यमंत्री अपनी नीति घोषित करें। मंच पर रोहिणी खडसे, गुलाबराव देवकर, सतीष पाटील, राजीव देशमुख, बी एस पाटील, अरुण गुजराथी, संजय गरुड़, रविंद्र पाटील, वंदना चौधरी मान्यवर मौजूद रहे।

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