डीपीसी में चयनित हिन्दी एसटी व्याख्याताओं को नियुक्ति देने की मांग को लेकर शिक्षा निदेशक को दिया ज्ञापन | New India Times

भैरू सिंह राजपुरोहित, बीकानेर (राजस्थान), NIT; ​डीपीसी में चयनित हिन्दी एसटी व्याख्याताओं को नियुक्ति देने की मांग को लेकर शिक्षा निदेशक को दिया ज्ञापन | New India Timesमाध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता हिन्दी स्तर पर वर्ष 2017-18 की डीपीसी की अनुमोदित सूची से केवल अनुसूचित जनजाति के 45 चयनितों के नाम 29 जुलाई की रात हटा दिए, इसको लेकर आज चयनितों ने राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ (रेस्टा) के प्रदेश उप सभाध्यक्ष मोहरसिंह मीना के नेतृत्व मे प्रदर्शन कर शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल को ज्ञापन सौंप कर जल्द से जल्द नियुक्ति देने की मांग की गई। ज्ञापन में बताया कि इसको लेकर 30 जुलाई को प्रदर्शन कर सयुक्त निदेशक नूतन वाला कपिला को ज्ञापन देकर चयनितों को नियुक्ति देने व आगे से अचानक नाम नहीं हटाने की मांग की गयी, जिस पर सयुक्त निदेशक कपिला ने एक माह में नियुक्ति देने व आगे से अचानक नाम नहीं हटा का भरोसा दिया, लेकिन एक माह गुजर जाने के बाद नियुक्ति नहीं दी गयी है।जिससे जनजाति वर्ग के चयनितों मे भारी रोष है। आरपीएससी से 30 जून को अनुमोदन हो गया जिसमें जनजाति वर्ग का मेरिट नंबर 11480 तक का चयन किया गया लेकिन शिक्षा निदेशालय में बैठे अधिकारीयों ने जानबूझकर केवल एक वर्ग के चयनितों का नाम हटा दिए जिससे साफ़ है कि अपने जान पहचान वालों को अच्छी जगह नियुक्ति मिल सके और केवल एक वर्ग को ही किया गया जो जनजाति वर्ग पर कुठाराघात है। रेस्टा उप सभाध्यक्ष ने बताया कि अगर जल्द से जल्द जनजाति वर्ग को नियुक्ति नहीं दी गयी तो आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी शिक्षा निदेशालय की होगी।

 ज्ञापन में बताया कि शिक्षा निदेशालय बीकानेर के आदेश क्रमाक शिविरा/मा/संस्था/सी-8/डीपीसी/2016 दिनांक 17.8.2016 के अनुसार आर आर के आधार पर प्रथक सूची से वर्ष 2016-17 हेतु 1245 व्याख्याता हिन्दी को अस्थाई नियुक्त किया गया ,इस सूची मे से 698 का मूल डीपीसी 2017-18 मे चयन हो गया व 547 की इस वित् वर्ष ख़त्म होने तक डीपीसी की गयी लेकिन शिक्षा विभाग उनको पद पर रख कर अनावश्यक रूप से व्याख्याता पद का लाभ दे रहा है और जनजाति वर्ग के चयनित कार्मिको को खाली जगह नहीं होने का बहाना बनाकर नियुक्ति नहीं दी जा रही है जिससे जनजाति वर्ग के चयनित कार्मिको को मानसिक और आर्थिक पीड़ा सहन करनी पड़ रही है। इलिए निदेशक को ज्ञापन देकर मांग की गई की 2016-17 की आर आर सूचि से अस्थाई नियुक्त व्याख्याताओं को रिवर्ट कर डीपीसी 2017-18 की मूल डीपीसी से चयनित अनुसूचित जनजाति वर्ग के 45 कार्मिकों को नियुक्ति दी जाए जिनको नियुक्ति से वंचित रखा गया है जिस पर निदेशक नथमल डिडेल ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के चयनित कार्मिकों को भरोसा दिया की आपकी माँग सही है इसलिए आपको जल्द से जल्द नियुक्ति दी जाएगी। ज्ञापन देने वालों में राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ (रेस्टा) के प्रदेश उप सभाध्यक्ष मोहरसिंह मीना, अनूपसिंह मीना, नमोनारायण मीना, शिवराज मीना, योगेंद्र मीना, विवेक मीना, फूलचंद मीना, कालूराम मीना, महेंद्र सिंह मीना सहित अनेक चयनित व्याख्याता मौजूद थे।

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