अमर शहीद गोंडवाना साम्राज्य के महाराजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर मानस भवन में श्री कमलनाथ जी का सम्बोधन | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

अमर शहीद गोंडवाना साम्राज्य के महाराजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर मानस भवन में श्री कमलनाथ जी का सम्बोधन | New India Times

आप सभी आदिवासी भाइयों का डीएनए कांग्रेस का डीएनए है। आज कितने दुःख की बात है की आदिवासी भाइयों को अपने हक के लिए सड़कों पर उतरकर लड़ना पड़ रहा है, जबकि सबसे पहले प्रदेश पर हक आदिवासियों का है। उक्त बातें मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने अपने संबोधन में कहीं। वे राजधानी के मानस भवन में मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस द्वारा आयोजित अमर शहीद आदिवासी जननायक राजा शंकर शाह जी कुंवर रघुनाथ शाह जी के बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। संबोधन की शुरुआत में भगवान बिरसा मुंडा जी को प्रणाम करते हुए श्री कमलनाथ जी ने कहा की राजा शंकर शाह का बलिदान हमारे लिए प्रेरणा है।

अमर शहीद गोंडवाना साम्राज्य के महाराजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर मानस भवन में श्री कमलनाथ जी का सम्बोधन | New India Times

श्री कमलनाथ ने कहा कि बात चाहे निमाड़ की हो, मालवा की हो, चाहे नीमच की हो, सभी जगह से खबरें आती हैं आदिवासियों पर अत्याचार की और कई जगह की तो खबरें हम तक आ भी नहीं पाती हैं। उन्होंने कहा कि 18 साल की भाजपा सरकार ने आदिवासी भाइयों को क्या दिया है? केवल उन्होंने उनसे छीना ही है। पैसा कानून भी कांग्रेस लाई थी जो अभी तक भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरे तरीके से लागू भी नहीं कर पाई है। आदिवासी दिवस भी कांग्रेस ने बनाया और आदिवासी भाइयों का कर्जा माफ करने का काम भी हमने किया किया।
श्री कमलनाथ जी ने कहा कि अब आदिवासी समाज आप अपना मांग पत्र बनाए और यह मांग आपको छाती ठोक कर यह मांगे मांगवानी है। कितनी शर्म की बात है कि आज आपको अंतिम संस्कार के लिए जमीन तक भी सरकार ने नहीं दी है। आदिवासी छात्रों के लिए हॉस्टल की सुविधा नहीं है, अस्पताल नहीं, यदि कुछ है तो उनमें डॉक्टर नहीं है, स्कूल है तो उसमें शिक्षक नहीं है।

श्री कमलनाथ ने कहा कि आज के आदिवासी नौजवान और 20 साल पहले के नौजवान में बहुत अंतर है, क्योंकि वह किसी प्रकार की ठेकेदारी नहीं चाहता है वह सम्मान की नौकरी चाहता है। मुझे तो जानकारी है कि आज प्रदेश में आदिवासी भाइयों की नौकरी में प्रमोशन भी रुके हुए हैं।
श्री कमलनाथ जी ने कहा कि 3 महीने में चुनाव है और यह चुनाव किसी पार्टी या कमलनाथ का चुनाव नहीं है। बल्कि आप सभी आदिवासी भाइयों के अधिकार का चुनाव है। प्रदेश के भविष्य का चुनाव है। इसलिए मैं आप सभी से कहना चाहूंगा और मुझे पता है कि आदिवासियों ने हमेशा सच्चाई का साथ दिया है और सच्चाई का साथ देते हुए आप सभी को इस बार संकल्प के साथ इस चुनाव में आइये अपनी बात को संक्षेप में रहते हुए बस यही कहूंगा कि इस बार आदिवासी भाइयों आप बस सच्चाई का साथ दें।

मप्र आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष रामू टेकाम ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी समाज हमेशा से कांग्रेस के साथ रहा है। भाजपा सरकार ने हमेशा ही आदिवासी समाज के साथ छल, कपट और फरेब किया है। भाजपा के लोग आदिवासी वर्ग को प्रताड़ित और उनके साथ लगातार दुर्व्यवहार कर रहे हैं। सीधी पेशाब कांड की जितनी निंदा की जाये वह कम है। नीमच, खरगोन, खंडवा, इंदौर ऐसा कोई जिला नहीं बचा होगा, जहां आदिवासी वर्ग के लोगों पर भाजपा की कालीछाया नहीं पड़ी हो?
आदिवासी कांग्रेस के पूर्व मंत्री ओंकारसिंह मरकाम, आदिवासी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय शाह, महापौर विक्रम अहाके, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं प्रकोष्ठ प्रभारी जे.पी. धनोपिया, सै. साजिद अली, प्रतिभा रघुवंशी ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर चंद्रा सर्वटे, प्रकाश ठाकुर, राकेश परते, विनोद इरपांचे, प्रीति टेकाम, रेवा सिंह धुर्वे, प्रदीप मरकाम, रिऋिक उइके, आशा ध्रुर्वे, नागेश्वरी, विजेन्द्र उईके, सूरज ठाकुर, पोरलाल खरते, भगवानदास, राधेश्याम मुवेल, सुनील सिरसाटे, लोकेश कलमे, पुरूषोत्तम कलमे, मनोज कुमरे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रदेश भर से आये आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल थे।

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