रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

रक्षाबंधन के त्योहार के बाद यात्री बसें क्षमता से अधिक सवारियों के साथ चल रही है।
जहां बहनें वापस मायके लौट रही हैं तो सरकारी कर्मचारी और निजी कंपनियों में काम कर रहे कर्मचारी भी वापस जा रहे हैं, जिसके चलते बसों में भीड़ बढ़ गई है।
फिलहाल अगले दो दिनों तक ऐसे ही स्थिति रहने की बात कही जा रही है।
गौरतलब है कि झाबुआ बस स्टैंड से अलग- अलग रूट पर दिन भर में करीब 142 यात्री बसें संचालित होती है।
समान्य दिनों में इनमें सफर करने वाले यात्रियों की संख्या 4 से 5 हज़ार तक होती है।
दिनांक 30 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार था, इसलिए अधिकांश बहने अपने मायके आई थीं।
इसके अलावा बाहर नौकरी कर रहे कर्मचारी भी त्योहार के लिए घर लौट आए थे, जिसके चलते यात्री बसों पर दबाव बढ़ गया था।
यही स्थिति अभी भी बनी हुई है।
इन रूट पर चलने वाली बसों में यात्रियों की संख्या अधिक
चालक परिचालक संघ के मुजीबुर्रहमान के अनुसार इन दिनों इंदौर के साथ कुक्षी-बड़वानी रूट पर चलने वाली यात्री बसों में बहुत ज़्यादा दबाव है।
अधिकांश बच्चे इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
वे वापस जा रहे हैं।
इसके अलावा छोटी दूरी में सर्वाधिक लोग मेघनगर रेलवे स्टेशन जा रहे हैं।
यहां से वे ट्रेन से अपने गंतव्य पर रवाना हो रहे हैं।
शनिवार और रविवार होने से अगले दो दिन तक भी यात्री बसों में खासी भीड़ रहने का अनुमान है।
अधिकांश कर्मचारी और स्टूडेंट रविवार को भी रवाना होंगे। कुछ ने तो पहले से ही बस में बुकिंग करवा ली है।
ओवरलोड वाहनों में सफर करने से बचें
कई बार लोग अपने गंतव्य तक जाने की ज़ल्दबाज़ी में ओवरलोड वाहनों से सफर करते हैं।
इस तरह की स्थिति से बचें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। सभी बस संचालकों से भी कहा गया है कि वे क्षमता से अधिक सवारी न बैठाएं।
कृतिका मोहता:- जिला परिवहन अधिकारी, झाबुआ।
त्योहार के समय बनती है ऐसी स्थिति
त्योहार के दिनों में इस तरह की स्थिति बनती है जब यात्री बसों में सफर करने वालों की संख्या में एका एक इज़ाफ़ा हो जाता है। रविवार तक इसी तरह के हालात रहेंगे, फिर स्थिति सामान्य हो जाएगी।
हाजी लाला:- अध्यक्ष, चालक-परिचालक संघ, झाबुआ
