तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस विश्व का अमूल्य साहित्य धरोहर है: निसार पठान रंभापुरी | New India Times

रहीम शेरानी हिंदुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस विश्व का अमूल्य साहित्य धरोहर है: निसार पठान रंभापुरी | New India Times

तुलसी जयंती मेघनगर विकासखंड के मंडली मै स्कूली बच्चों शैक्षणिक सह साहित्य सांस्कृतिक गतिविधियां हेतु नित्य प्रयास उतरोतर उन्नति शिक्षा गुणवत्ता लक्ष्य के लिए किए जा रहे।

जनजातीय विभाग द्वारा संचालित शासकीय स्कूलों में एसी सतत गतिविविध भी जारी है ‌!

इसी तारतम में मेघनगर विकास खंड के सुदूर अंचल की शाला शा उमा मांडली में विभाग प्रमुख सहायक आयुक्त जनजातीय विकास विभाग श्रीमती निशा मेहरा के विशेष मार्गदर्शन में व प्राचार्य सुजान सिंह हरवाल के मार्गदर्शन में तुलसी जयंती मनाई गई।
प्रार्थना सभा के दौरान तुलसी दास को स्मरण किया गया।

राष्टीय कवि व शाला के हिंदी शिक्षक निसार पठान रम्भापुरी ने तुलसी दास जी के साहित्य लेखन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तुलसी दास जी विश्व के लोक मंगल के कवि थे।आपके द्वारा रचित महाकाव्य रामचरितमानस विश्व की अमूल्य साहित्य धरोहर है। रामचरितमानस अनुशासन, संयम, मातृभाव, विनय शीलता की सीख देती है। श्रीराम के जीवन वृत्त में मर्यादा अनुशासन की शिक्षा मिलती है। ‌

बच्चों ने भी दोहे व तुलसी दास जी से जुड़े प्रश्नमंच के ज़वाब दिए।

छात्र सुनील व वर्षा ने तुलसी द्वारा रचित लक्ष्मण परशुराम प्रसाद के बारे में बताया। शिक्षक जितेन्द्र द्विवेदी ने भी तुलसी के वृतांत पर प्रकाश डालते हुए उनकी रचनाएं, विनय पत्रिका, दोहावली आदि को अनुकरणीय बताया। ‌संचालन शिक्षक प्रहलाद सिसोदिया ने किया जबकि अभार शिक्षक राकेश झणिया ने माना।

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