'जंगे आज़ादी में उलेमा का किरदार' कार्यक्रम के समापन अवसर पर बच्चों को नगद राशि के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को किया गया पुरस्कृत | New India Times

शेख़ नसीम, भोपाल (मप्र), NIT:

'जंगे आज़ादी में उलेमा का किरदार' कार्यक्रम के समापन अवसर पर बच्चों को नगद राशि के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को किया गया पुरस्कृत | New India Times

आरिफ मसूद फैन्स क्लब द्वारा आयोजित जंगे आज़ादी में उलामा का किरदार पखवाड़े के कार्यक्रम का समापन शब्बन चौराहा जहॉगीराबाद में हुआ. जहॉ कार्यक्रम के आयोजक विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि विगत 10 वर्षाें से मनाए जाने वाले आज़ादी के पखवाड़े में उलेमा की कुर्बानी विषय पर भाग लेने वाले बच्चों को नगद पुरस्कार और प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को पुरस्कार से नवाज़ा गया। इस कार्यक्रम में हज़ारों की संख्या में लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर भोपाल मध्य से कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब हिन्दुस्तान अंग्रेज़ों की गुलामी की ज़ंजीरों में जकड़ा हुआ था उस वक़्त अंग्रेजों के खिलाफ़ आवाज़ उठाने वालों को फांसी और काला पानी की सज़ा सुना कर, यातनाएं देकर गोली मार दी जाती थी। लाखों मुस्लिम धर्मगुरूओं ने अपनी जान की कुर्बानी देकर हमें अंग्रेज़ों से आज़ादी दिलाई है। आगे आरिफ मसूद ने कहा कि यह बच्चे देश का भविष्य हैं और आज़ादी की लड़ाई मेें सभी धर्म के लोगों ने अपना योगदान दिया है। हमें यह याद रखना चाहिए। मुल्क में नफरत के माहौल में इस तरह का कार्यक्रम मोहब्बत का पैग़ाम देता है। इस मुल्क में मौजूदा सरकार नफ़रती एजेण्डे के तहत काम कर रही है। स्कूल की किताबों और स्लेबस से मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों औैर दूसरे धर्म के स्वतंत्रता सेनानियों के नामों को हटाकर वीर सावरकर जैसे माफी जीवियों के नाम पर आज टी.वी. चैनलों में डिबेट हो रही है औैर नफ़रती एजेण्डे को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस नफ़रत के माहौल में हमारा उद्देश्य यह है कि हमारे बच्चों को जंगे आजादी में अपने उलेमा ए कराम और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम याद होना चाहिए जिन्होंने इस मुल्क को आजाद कराने के लिए फांसी के फंदे को चूम कर इस मुल्क को आजाद कराया।

पखवाड़े में विभिन्न चौराहों पर (प्रथम) पुरस्कार पाने वालों में सिमरा बिन्त सईद खान, अनम बिन्त मो. अमजद, युसरा अली बिन्त वक़ार अली, समीरा, अरीबा शमीम बिन्त मो. शमीम, मो. ज़ाहरान वल्द मो. ज़हीर (सेकण्ड) बुशरा बिन्त रिज़वान सा., सदफ़ बिन्त मो. इक़बाल, अल्मास वल्द आमिर, सदफ़ नाज़ बिन्त मंज़र, रफत सिद्दीकी, बुशरा अहमद बिन्त अकील अहमद (थर्ड) रमज़ा वल्द मो. सलीम, खि़ज़रा वल्द अतीक़़, यूसुफ़ वल्द अनवर अली, आयशा, हिशाम, मो. उमर वल्द मो. नवाब सा, अल्फैज़, अदीबा अली बिन्त अफसर अली को नगद राशि से पुरस्कृत किया गया तथा सभी 130 प्रतिभागियों को भी स्मृति चिन्ह से नवाज़ा गया। कार्यक्रम का संचालन क़ाज़ी अज़मत शाह मक्की ने किया।

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