संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के उपलक्ष में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय शाखा माधव गंज स्थित प्रभु उपहार भवन में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित जनमानस को खाद्य सुरक्षा के बारे में विशेष रूप से जानकारी प्रदान की गई। संस्थान की ओर से चलाए जा रहे आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर अभियान के अंतर्गत इस विशेष कार्यक्रम आयोजन किया गया। यूनाइटेड नेशंस के वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वाधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस वर्ष की थीम सुरक्षित भोजन, बेहतर स्वास्थ्य को लेकर इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान सेवा केंद्र प्रभारी बी के आदर्श दीदी जी ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के 1 डेटा के अनुसार विश्व भर में प्रतिवर्ष करीब 600 मिलियन लोग खराब एवं दूषित खाने की वजह से बीमार होते हैं और करीब 4 लाख लोग अपनी जान गवा देते हैं, यह एक चिंता का विषय है जिस पर हम सभी को ध्यान देना है। आपने कहा कि खाना जहां एक ओर शरीर को शक्ति प्रदान करता है.

वहीं दूसरी ओर अगर इस पर ध्यान ना दिया जाए तो यह अनेक प्रकार की बीमारियां भी उत्पन्न कर सकता है। आज हम किस प्रकार से जंक फूड तथा फ़ास्ट फ़ूड के प्रभाव में आकर अनेक प्रकार की बीमारियों के वशीभूत होते जा रहे हैं। इससे बचने के लिए हमें अपने भोजन पर विशेष रूप से ध्यान देना होगा, साथ साथ भोजन पर किस प्रकार से हमारे संकल्पों का प्रभाव पड़ता है इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया। आपने कहा कि हमें भोजन पिता परमात्मा की याद में बनाना है। विशेष रूप से भोजन बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना है कि हमारे हाथ स्वच्छ हो, भोजन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पदार्थों का भी विशेष रूप से जांच कर इस्तेमाल करना है। कार्यक्रम के पश्चात दीदी ने खाद्य सुरक्षा एवं खाद्य वेस्ट रोकने के प्रति सभी को प्रतिज्ञा कराई। कार्यक्रम में विशेष रूप से भ्राता वेदप्रकाश बनोरिया टीचर कंप्यूटर (साइंस ब्लू वैली हाई स्कूल),
भ्राता गिरराज शंकवार टाइल बिजनेस मैन, भ्राता राजेश शाक्य (टीचर) भ्राता अनुज माहोर, बहिन गीता शाक्य पत्नी डॉक्टर टी. आर. शाक्य सहित अन्य भाई बहिनें भी शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में सभी को विशेष राजयोग का अभ्यास कराया गया ताकि हम इस अभ्यास से भोजन को शक्तिशाली बनाकर सभी ग्रहण कर सकें। तत्पश्चात सभी को प्रभु प्रसाद जोकि पिता परमात्मा की याद में बनाया जाता है वह वितरित किया गया।
