आदिवासी सांस्कृतिक एकता महा सम्मेलन में कोरोना को देखते हुए प्रतिनिधि मंडल के सदस्य होंगे शामिल | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, अलीराजपुर (मप्र), NIT:

आदिवासी सांस्कृतिक एकता महा सम्मेलन में कोरोना को देखते हुए प्रतिनिधि मंडल के सदस्य होंगे शामिल | New India Times

आदिवासी एकता परिषद पिछले 29 वर्षों से देश एवं दुनिया में आदिवासी एकता, अस्मिता, आत्मसम्मान, कला, ज्ञान, संस्कृति, परंपरा, इतिहास, स्वावलम्बन, सहअस्तित्व, सहकार्य और प्रकृति सुरक्षा जैसे विषयों को लेकर वैचारिक आन्दोलन संगठन चला रहा है।

राष्ट्र की सुरक्षा एवं आदिवासी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से आदिवासी एकता परिषद द्वारा प्रतिवर्ष अलग-अलग राज्यों में आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन का आयोजन किया जाता है। इस का वर्ष 29 वां आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन दिनाँक 13, 14, 15 जनवरी 2022 को मल्टीपर्पज इंडोर स्टेडियम के पास, बगवास, प्रतापगढ़ (राजस्थान) में किया जा रहा है।

इस महासम्मेलन में विभिन्न सम सामयिक विषयों पर बुद्धिजीवियों द्वारा प्रबोधन दिया जावेगा जिसमें जिले से भी आदिवसी परंपरागत संस्कृति अनुरूप समाज जन सहभागिता करेगा।

प्रथम दिवस 13 जनवरी 2022 का कार्यक्रम

1) प्रातः 10 से 11.30 बजे तक- प्रदर्शनी एवं उदघाटन सत्र।
2) 11.30 से दोपहर 2बजे तक- साहित्य सम्मेलन के तहत संवाद, साहित्य, कला,ज्ञान एवं इतिहास तथा उत्कृष्ट चयनित साहित्यों का विमोचन,
3) दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक- महिला सम्मेलन
4) शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक- युवा सम्मेलन
5)रात्रि 8बजे से – बाल कला, सांस्कृतिक सम्मेलन

द्वितीय दिवस 14 जनवरी 2022 के कार्यक्रम

1) सुबह 9 से 11.30 बजे तक- सांस्कृतिक एकता महारैली
2) 11.30 से 2 बजे तक- उदघाटन एवं अतिथियों का उदबोधन
3)दोपहर 2 से 5 बजे तक-विषय विमर्श, विभिन्न समसामयिक चयनित विषयों पर प्रबोधन सत्र
4) शाम 5 से रात्रि 8 बजे तक- खुला सत्र
5)रात्रि 8बजे से- देश भर से आये हुए विभिन्न राज्यों के दलों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम

तृतीय दिवस 15 जनवरी 2022 के कार्यक्रम

1) प्रातः 9 से दोपहर1 बजे तक- संगठन सत्र
2) दोपहर 1से 2 बजे तक- कार्य नियोजन सत्र, वार्षिक कार्यक्रम एवं प्रस्ताव पारित करना
3) दोपहर 2 से सायं.4 बजे तक- समापन समारोह
अतः इस महासम्मेलन में कोरोना महामारी (कोविड-19) के संबंध में शासन-प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सभी राज्यों के सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं समाजजनों को शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है।

इस सम्मेलन में प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में आदिवासी समाज जन परंपरागत वाद्य यंत्रों, वेशभूषा, एवं जिले की संस्कृति तथा रैली के रूप में सम्मिलित होते थे।

परन्तु इस वर्ष कोरोना महामारी की गाइड लाइन के अनुरूप अलीराजपुर जिले से आदिवासी समाज जन प्रतिनिधि मंडल के रूप में सम्मिलित होंगे।

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