ओवैस सिद्दीक़ी, ब्यूरो चीफ, अकोला (महाराष्ट्र), NIT:

जन लोकशाही संगठन की ओर से देश के महान वैज्ञानिक तथा पूर्व राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम की जयंती बड़े उत्साह से मनाई गई. इस कार्यक्रम में विशेष रूप से बच्चे तथा परिसर के नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष सैय्यद नासिर ने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के जीवनी पर प्रकाश डाला तथा बच्चों एवं युवावों को उनसे प्रेरणा लेकर उच्च शिक्षा हासिल कर देश की सेवा में योगदान देने की अपील की। कर्यक्रम में शाहनवाज पर्सनालिटी डेवलपमेंट कोच शाहनवाज अली, पत्रकार सैयद ज़मीर, सैय्यद जुबेर, समीर खान, ज़ाहिद खान आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. इस दौरान बच्चों को मिष्ठान बांटी गई।
सैय्यद नासिर ने बताया कि कैसे परिस्थितियों को मात देकर डॉ अब्दुल कलाम शिक्षा के लिए डटे रहे. आरम्भ में उन्होंने पेपर बेचकर अपना गुजर बसर किया तथा परिवार की वित्तीय स्थिति खराब होने के उपरांत भी उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की तथा अपना लक्ष्य प्राप्त किया. उन्हें दुनिया मिसाइल मैन के नाम से जानती है, वे भारत के राष्ट्रपति भी रहे, उन्हें पद्म विभूषण पुरुस्कार से भी नवाजा गया. वे देश के कई बड़ी सनशोधन संस्थानों के डायरेक्टर, सलाहकार एवं सदस्य भी रहे। आज समाज के युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने की खास आवश्यकता है ताकि देश के प्रगति में वे भागीदार बने। पर्सनालिटी डेवेलपमेंट कोच शाहनवाज अली ने इस समय युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि डॉ कलाम आख़री समय तक अध्यन करते रहे, उन्होंने हमेशा किताबें पढ़ने तथा ज्ञान वृद्धि पर हमेशा जोर दिया और यही तो सच्चाई है कि अच्छी किताबें मनुष्य की जीवनशैली में सुधार लाती हैं.
