यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

जिला कलेक्टर राकेश जायसवाल एवं विजय सिंह डागुर उपनिदेशक कृषि के निर्देशानुसार पिन्टू लाल मीणा सहायक कृषि अधिकारी सरमथुरा ने क्षेत्रीय कृषि पर्यवेक्षकों को निर्देशित कर गांव गांव जाकर कृषक गोष्ठियों का आयोजन किया और किसानों को खेती बाड़ी के टिप्स दिये.
मीणा ने बताया कि किसानों को अपनी फसलों से अच्छे उत्पादन लेने के लिए कुछ जरूरी चीजें ध्यान रखनी होंगी जैसे कि DAP की जगह SSP + यूरिया के साथ बुवाई करें, समय पर बुआई करें, ताकि खेती से अधिकतम और उत्तम उत्पादन प्राप्त हो. उत्तम फसलोत्पादन के लिए बीजोपचार (बीज का टीकाकरण) अवश्य करें, ताकि कम खर्च में फसलें निरोग एवं स्वस्थ रहें. प्रमाणित और उन्नत के साथ अपने क्षेत्र की प्रचलित किस्म के बीज ही बोयें ताकि 15 से 20 प्रतिशत उपज बढ़ सके. उत्तम फसलोत्पादन के लिए मिट्टी की जांच करवाकर सिफारिश के अनुसार संतुलित उर्वरक प्रयोग करें, जिससे उर्वरकों पर कम खर्च हो, बीज की मात्रा सिफारिश के अनुसार प्रयोग करें तथा कतार में बुआई करें ताकि प्रति ईकाई भूमि में पौधों की उचित संख्या से अच्छी बढ़वार एवं अधिक उपज प्राप्त हो सके, दलहनी व तिलहनी फसलों में जिप्सम का प्रयोग करें, ताकि भूमि की उर्वराशक्ति बढ़ सके तथा गुणवत्ता ठीक रहे, मित्र कीटों का सरंक्षण करें, प्रकाश पाश एवं फेरोमोन पाश प्रयोग करें, जिससे समय पर हानिकारक कीटों की निगरानी हो सके ताकि दवाई का प्रयोग कम हो तथा बिना दवा के कीटों पर नियंत्रण हो सके, खाद, बीज और दवा खरीदते समय बिल अवश्य लें एवं विश्वसनीय स्त्रोत से ही बीज खरीदें ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके तथा आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके, जैव एजेंटो का उपयोग करें- जैव एजेंट पर्यावरण मित्र या पर्यावरण के लिए अनुकूल होते हैं, इन जैव एजेंटों का सर्वाधिक उपयोग करें| इसी प्रकार कार्बनिक तत्व भी कीटों एवं नाशकजीवों और रोगों के नियंत्रण में बहुत प्रभावी होते हैं तथा ये भी पर्यावरण मित्र होने के साथ-साथ सस्ते पड़ते हैं, प्रतिकूल परिस्थितियों में ही रसायनों का उपयोग करें,किसानों ने कहा कि हम कृषि विभाग की सिफारिशों के अनुसार की कृषि कार्य करेंगे. इस दौरान कृषि विभाग सरमथुरा के कर्मचारी साथ रहे.
