अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के उद्यानिकी विभाग (शाक विज्ञान) द्वारा 19 मार्च 2026 को “Urban Horticulture: Bringing Greenery to Our Homes” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष रूप से विश्वविद्यालय परिसर की महिलाओं को अर्बन हॉर्टिकल्चर के प्रति जागरूक कर घर-घर हरियाली को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। अपने संबोधन में कुलपति ने बताया कि अर्बन हॉर्टिकल्चर की शुरुआत लगभग तीन हजार वर्ष पूर्व हुई थी, लेकिन वर्तमान समय में इसका महत्व तेजी से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आज सब्जियों के उत्पादन में रासायनिक दवाओं और कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इसलिए सभी को अपने घरों में किचन गार्डन एवं छत पर बागवानी अपनानी चाहिए।
कार्यक्रम में कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं एवं शिक्षकों, विश्वविद्यालय परिसर की महिलाओं तथा विभिन्न संकायों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने सीमित स्थान में सब्जी उत्पादन, जैविक खेती के तरीके, पौधों की देखभाल और रूफटॉप गार्डनिंग के व्यावहारिक उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय के रूफटॉप गार्डन का भ्रमण कराकर बागवानी के आधुनिक तरीके भी सिखाए गए।
इस अवसर पर डॉ. शिरीन अख्तर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में डीन एग्रीकल्चर डॉ. ए. के. साह, रजिस्ट्रार डॉ. एम. हक, निदेशक (बीज) डॉ. फिजा अहमद तथा डीएसडब्ल्यू डॉ. श्वेता सांभवी भी उपस्थित रहीं।

