साबिर खान, मीरा-भाईंदर/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

भाईंदर (पूर्व) के आर.एन.पी. पार्क स्थित चिंतामणि अपार्टमेंट के प्रांगण में ‘काव्य, कला, संगीत’ एवं ‘संयोग प्रकाशन’ के संयुक्त तत्वावधान में एक अनूठी काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन देश के 77 वर्षीय वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार, ‘संयोग साहित्य’ पत्रिका के संपादक, कवि, लेखक और गीतकार पं. मुरलीधर पांडेय द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मराठी एवं हिंदी के लोकप्रिय कवि और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. लक्ष्मण शिवणेकर, ‘दादासाहेब फाल्के सम्मान’ से सम्मानित गौरी त्रिपाठी तथा सुप्रसिद्ध गायिका बासबी सामंत को शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

दूसरे सत्र में आयोजित काव्य गोष्ठी में मार्कण्डेय त्रिपाठी, अनिल गौड़, रामकुमार वर्मा, डॉ. ओमप्रकाश तिवारी, पं. मुरलीधर पांडेय, गिरिजाशंकर त्रिपाठी, डॉ. लक्ष्मण शिवणेकर और सतीश शुक्ला ‘रक़ीब’ ने अपनी कविताओं, गीतों और ग़ज़लों से समां बांध दिया।
इस दौरान पं. मुरलीधर पांडेय ने तरन्नुम में अपना गीत
“झील के उस पार कोई गीत गाता जा रहा है,
प्यार को दर्पण में देखो, दिल समाता जा रहा है”
पढ़कर महफिल में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत पत्रकार सुभाष पांडेय ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गिरिजाशंकर त्रिपाठी रहे, जबकि अध्यक्षता सतीश शुक्ला ‘रक़ीब’ ने की। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार भी आयोजक पं. मुरलीधर पांडेय ने व्यक्त किया।संयुक्त तत्वावधान में एक अनूठी काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन देश के 77 वर्षीय वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार, ‘संयोग साहित्य’ पत्रिका के संपादक, कवि, लेखक और गीतकार पं. मुरलीधर पांडेय द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मराठी एवं हिंदी के लोकप्रिय कवि और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. लक्ष्मण शिवणेकर, ‘दादासाहेब फाल्के सम्मान’ से सम्मानित गौरी त्रिपाठी तथा सुप्रसिद्ध गायिका बासबी सामंत को शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

दूसरे सत्र में आयोजित काव्य गोष्ठी में मार्कण्डेय त्रिपाठी, अनिल गौड़, रामकुमार वर्मा, डॉ. ओमप्रकाश तिवारी, पं. मुरलीधर पांडेय, गिरिजाशंकर त्रिपाठी, डॉ. लक्ष्मण शिवणेकर और सतीश शुक्ला ‘रक़ीब’ ने अपनी कविताओं, गीतों और ग़ज़लों से समां बांध दिया।
इस दौरान पं. मुरलीधर पांडेय ने तरन्नुम में अपना गीत
“झील के उस पार कोई गीत गाता जा रहा है,
प्यार को दर्पण में देखो, दिल समाता जा रहा है”
पढ़कर महफिल में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत पत्रकार सुभाष पांडेय ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गिरिजाशंकर त्रिपाठी रहे, जबकि अध्यक्षता सतीश शुक्ला ‘रक़ीब’ ने की। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार भी आयोजक पं. मुरलीधर पांडेय ने व्यक्त किया।

