नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

याद कीजिए 1995 का चुनाव यह कहते थे कि मैं आप जनता का आमदार नहीं सालदार हूं और आज वो मालदार और जनता सालदार बन चुकी है इस प्रकार से गिरीश महाजन की बुनियादी छवी के ऊपर हमला करते हुए दिलीप खोड़पे ने बीजेपी कैंप में खलबली मचा दी। राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी की ओर से दिलीप खोड़पे सर को जामनेर विधानसभा सीट पर गिरीश महाजन के खिलाफ प्रत्याशी बनाए जाने के बाद खोड़पे ने महाजन पर यह पहला बड़ा हमला किया है। प्रचार रैली के दौरान एक गांव पहुंचे खोड़पे ने मतदाताओं से खुला संवाद स्थापित किया और कहा कि संजय गरुड़ समेत अन्य नेताओं को भाजपा में शामिल कर लेने के बाद महाजन को लगा कि अब उनका रास्ता साफ है लेकिन जनता ने मुझे कहा कि सर आपको चुनाव लड़ने पड़ेगा।

महा गठबंधन के नेताओं ने अपने शीर्ष नेतृत्व को मेरे बारे में बताया सब ने कहा कि टिकट खोड़पे सर को दिया जाए और आज मुझे राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी ने MVA का प्रत्याशी बनाया है। महाजन की इमेज़ निर्माण में मील का पत्थर साबित हुई आरोग्य सेवा को पाखंड करार देते हुए खोड़पे ने सवाल उठाया कि अगर क्षेत्र में हि सारी सुविधाएं खड़ी कर दी जाती तो मरीजों को इलाज के लिए मुंबई लेकर जाने की क्या जरूरत पड़ती? GM नाम से शुरू कराया अस्पताल भी इनसे नहीं चल सका वो निजी हाथों में सौंपना पड़ा। तीस सालों में आज तक क्षेत्र में सिंचाई के काम पूरे नहीं हो सके है। वापसी के मानसून से खेती चौपट हो चुकी है लेकिन महाजन ने किसानों के पक्ष में एक शब्द तक नहीं कहा है।
आचार संहिता लागू है और महाजन किसी भी काम का भूमिपूजन किए जा रहे हैं। संबोधन के अंत में खोड़पे ने कहा महाजन ने बोरिया भर भर कर पैसा कमाया है वो उसका इस्तेमाल करेंगे आप जनता खुशी से दिवाली मनाइए। क्षेत्र का विकास करने के लिए परिवर्तन करे ऐसी अपील खोड़पे ने की। दिलीप इस नाम का मराठी में मतलब “अयोध्या का राजा” यह होता है। राष्ट्रीय स्तर पर अयोध्या और राम के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा और उसके मातृ संगठन RSS के कद्दावर नेता गिरीश महाजन के सामने उनके पुराने साथी दिलीप खोड़पे ने कड़ी चुनौती पेश की है।

