बांग्लादेश में हो रही हिंसा का धर्मगुरुओं ने किया विरोध | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बांग्लादेश में हो रही हिंसा का धर्मगुरुओं ने किया विरोध | New India Times

भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में लगातार सनातन धर्मियों पर हो रही हिंसा से भारत का हिंदू, बौद्ध, सिख, जैन समाज अत्यधिक आक्रोशित हैं। मंगलवार को सनातन धर्म के सभी धर्म गुरुओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में जनमानस ने बुरहानपुर में कमल टॉकीज चौराहे पर एकत्रित होकर कमल टॉकीज चौराहे पर धरना प्रदर्शन करके प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीम पल्लवी पौराणिक को प्रेषित किया।

उदासीन आश्रम के महंत पुष्करानंद महाराज, राम झरोखे मंदिर के धर्माचार्य नर्मदानंदगिरी महाराज, स्वामीनारायण मंदिर के पीठाधीश कोठारी महाराज ने कहा अगस्त के प्रथम सप्ताह में बांग्लादेश में तख्तापलट हुआ और प्रधानमंत्री शेख हसीना को उनका देश छोड़ना पड़ा। पिछले महीने से आरक्षण के विरोध में आंदोलन चल रहा था जो धीरे-धीरे हिंसक हो गया।

शैलेंद्र मुखिया, पंडित योगेश चतुर्वेदी, बाल्या महाराज, कबीर पंथी महाराज ने एक स्वर में कहा:  हालांकि अब मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन कर लिया गया है परंतु बांग्लादेश से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही है जो पूरी दुनिया के सनातन धर्म के अनुयायियों को आक्रोशित कर रही है।

शिवसेना के पंडित आशीष शर्मा, हिंदू महासभा के दिनेश सुगंधी, गायत्री पीठ के भारद्वाज महाराज ने बताया:  बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदुओं, बौद्धों, जैनों, सिखों के घरों में आगजनी की जा रही है व उनके साथ लूटपाट बलात्कार किया जा रहा है।
बुरहानपुर मज़दूर यूनियन अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह ने कहा प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह गुहार लगाई जा रही है कि बुरहानपुर के युवाओं को बांग्लादेश जाने की अनुमति दी जाए जिससे वहां सनातनियों पर हो रहे हमलों का प्रतिकार किया जा सके और हमारी मां बहनों की रक्षा की जा सके।

पूरी दुनिया में विरोध प्रदर्शन

बांग्लादेश में तख्तापलट के साथ फैली हिंसा, अराजकता और अशांति के बीच बांग्लादेश से लेकर भारत, अमेरिका, स्वीडन, यूरोप तक विरोध प्रदर्शन किये जा रहे हैं वहीं अमेरिका के दो हिंदू सांसदों ने तो मामले की जांच तक की मांग कर दी है। विगत सप्ताह बांग्लादेश के मध्य में चिट्टागोंग में 7 लाख से अधिक हिंदू व बौद्ध दलित एकत्र हुए और उन्होंने हमले व हिंसा के खिलाफ एक विशाल विरोध रैली निकाली और सुरक्षा और समान अधिकारों की मांग की।

संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय पर भी विरोध

इसी तरह संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय के पास भी प्रदर्शन किया गया और अमेरिका से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। प्रदर्शन करने आए विभिन्न समुदाय के लोगों ने कहा कि बांग्लादेश में हो रही हिंसा किसी भी तरह से जाइज़ नहीं ठहराई जा सकती है और यह एक रणनीति के तहत किया जा रहा है।

बांग्लादेश हिंदू बौद्ध एकता परिषद ने भी किया विरोध

बांग्लादेश हिंदू बौद्ध एकता परिषद और बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद के अनुसार पांच अगस्त को शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के इस्तीफा देने और देश छोड़कर जाने के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख पर लगातार हमले हो रहे हैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब हस्तक्षेप करना चाहिए। धरना प्रदर्शन व ज्ञापन देते समय भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष ईश्वर चौहान, महेश चौहान, ओम आजाद, आनंद विश्वकर्मा, भूषण पाठक, शुभम वारुडे, आनंद मेहता, मुकेश डालमिया, राजश्री गुजराती सहित सैकड़ो की संख्या में आम जनमानस उपस्थित रहे।

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