कांग्रेस से बागी हुए पूर्व विधायक जैवियर मेडा के तेवर नरम, कांग्रेस प्रत्याशी विक्रांत भूरिया ने ली राहत की सांस | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बडोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

कांग्रेस से बागी हुए पूर्व विधायक जैवियर मेडा के तेवर नरम, कांग्रेस प्रत्याशी विक्रांत भूरिया ने ली राहत की सांस | New India Times

कांग्रेस के पूर्व विधायक जैवियर मेडा ने अपना नाम निर्देशन फार्म वापस ले लिया है। कांग्रेस द्वारा टिकट नहीं दिए जाने से खफा हुए श्री मेडा ने ताल ठोंक चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) से एवं निर्दलीय प्रत्याशी के लिए नामांकन जमा किया था जैवीयर मेडा ने कलेक्टोरेट कार्यालय पहुंचे अपना नामांकन फार्म वापस ले लिया। श्री मेडा के साथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव निर्मल मेहता, कांग्रेस प्रवक्ता साबिर फिटवेल भी मोजुद थे। श्री मेडा ने बताया की मैंने चुनाव लड़ने के लिए फार्म भरा था। लेकिन जिस पार्टी (आप) से मैंने फार्म भरा था, उस पार्टी में ही इतनी ग्रुप बाजी और टूट फुट की वजह से बी फार्म जमा नहीं कर पाया।

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निर्दलीय उम्मीदवार के लिए फार्म मैंने भरा था

उन्होंने कहा की दीपावली का समय है और 2-3 तारीख तक चुनाव चिन्ह मिलेंगे। प्रचार के लिए तैयारी करेंगे तो 5-7 दिन में सभी क्षेत्र, गांव और मतदाताओं के पास वह चुनाव चिन्ह पहुंचाना संभव नहीं था। इसे देखते हुए मैंने नाम निर्देशन फार्म वापस ले लिया है। श्री मेडा ने बताया की मैंने किसी पार्टी की सदस्यता नहीं ली थी और ना ही कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया था। कांग्रेस पार्टी का कर्तव्य बनता है कि अब वो मेरा क्या उपयोग करें। श्री मेडा ने किसी नेता का नाम लिए बगैर कहा, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुझसे चर्चा की थी और भोपाल बुलाया भी था।
मैं उनसे मिला भी हूं लेकिन निर्णय मैंने स्वयं से ही लिया है कांग्रेस के प्रदेश महासचिव श्री मेहता ने कहा की जैवियर मेडा न ही कांग्रेस से बाहर गए थे, ना ही यह वापस आए है।

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अभी भी इनकी विचारधारा कांग्रेस की विचारधारा से ही मेल खाती है। श्री मेहता ने कहा कि टिकट को लेकर आपसी बात और लड़ाईयां होती है। लेकिन, यह हमारा पारिवारिक मामला था, जो की सुलझ गया है। टिकट वितरण का निर्णय हाईकमान का था। जब तक टिकट वितरण नहीं हुआ था, तब तक टिकट की लड़ाईयां थी। जब टिकट दे दिया तो जैवियर भाई भी मान गए हैं।

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