रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में पहुँच कर अच्छी बारिश के लिए प्रार्थना की।
और यहां महारुद्र अनुष्ठान में शामिल हुए।
पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा बारिश नहीं होने की वजह से मध्यप्रदेश में बिजली संकट पैदा हुआ है। सावन-भादौ में इतनी बिजली की जरूरत नहीं पड़ती थी।
उन्होंने कहा फिलहाल 9000 की जगह 15000 हजार मेगावॉट बिजली की आवश्यकता है।
मांग और आपूर्ति में बड़ा गैप पैदा हो गया है।
किसानों के लिए बिजली का संकट पैदा हो रहा है।
इस संकट से निपटने दूसरे प्रदेशों से बिजली ली जाएगी। इस बारे में बातचीत ज़ारी है।
मध्य प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बारिश के लिए कामना करने पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने भोपाल में कहा, ‘भगवान से उनको बहुत सारी कामनाएं करनी हैं। यह तो एक ही कामना है।

बारिश के लिए महाकालेश्वर मंदिर में महारुद्र अनुष्ठान
मुख्यमंत्री शिवराज सोमवार सुबह 8:45 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे।
महारुद्र अनुष्ठान प्रारंभ होने के पहले उन्होंने नंदी हॉल में पूजन किया।
गर्भ गृह में बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन और अभिषेक किया।
पूजन के बाद मंदिर के पुजारी और पुरोहितों ने अनुष्ठान प्रारंभ किया।
66 पुजारी – पुरोहित बैठकर एक साथ महारुद्र पाठ कर रहे थे । महारुद्र अनुष्ठान के दौरान दो लघु रुद्र के साथ ही 121 पाठ किए गए। अनुष्ठान सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक चला।

यह अनुष्ठान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से प्रदेश में अच्छी बारिश की कामना के साथ कराया गया।
दो दिन पहले कहा था- सूखे का ऐसा संकट 50 साल में नहीं आया
मानसून ब्रेक के कारण मध्यप्रदेश में अगस्त लगभग सूखा बीत गया।
बारिश नहीं होने से किसानों को सिंचाई के लिए बिजली चाहिए। दो दिन पहले भोपाल में हुए दीनदयाल रसोई शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इस पर चिंता जताते हुए कहा था, बांध पूरे नहीं भरे।
बिजली की डिमांड भी एकदम बढ़ गई है, क्योंकि फसलें अगर बचाना है तो पानी देना है।
ऐसी डिमांड आज तक कभी नहीं आई।’
मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़ते हुए कहा था, ‘सूखे का ऐसा संकट 50 साल में नहीं आया। अभी भादौ चल रहा है। मैं भी भगवान से प्रार्थना करता हुं आप भी प्रार्थना करें कि बारिश एक बार जरूर हो जाए, ताकि हम फसलें बचा सकें और बाकी व्यवस्थाएं भी ठीक चलती रहें।
