नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र राज्य में मराठी कैलेंडर के अनुसार सावन माह आरंभ हुए हफ़्ता बीत चुका है। पूरे प्रदेश में भाजपा तथा उनके अंकित हिन्दू संगठनों की ओर से सावन सोमवार को कावड़ यात्राएं निकाली जा रही हैं। कोरोना के बाद से पार्टी ने यह लाइन तय कर ली थी कि चुनावी साल में तमाम धार्मिक त्योहार बड़े हर्ष और उल्लास के साथ उत्सव के रूप में मनाए जाएं। जामनेर में भाजपा के वरिष्ठ नेता और छः बार के विधायक रहे गिरीश महाजन ने कावड़ यात्रा में शिरकत की। नगर परिषद तिराहे से सोनेश्वर महादेव मंदिर तक आयोजित की गई इस यात्रा में गणेश वाडी, पुराना जामनेर और शास्त्री नगर इलाके से भाविकों ने हिस्सा लिया। भाजपा के तमाम नगर सेवक, सहकार संस्थाओं के संचालक, विकासक, पदाधिकारी, नोकर पेशा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में संमिलित हुए। जामनेर शहर में पहली बार सार्वजनिक रूप से कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया है। वैसे कावड़ यात्राओं का जो रिवाज़ है वह उत्तर भारत के हिंदी भाषी राज्यों के आध्यात्मिक परंपरा का अभिन्न अंग है। आध्यात्म और राजनीति की बेहतर समझ रखने वाले यह अनुमान लगा रहे हैं कि जामनेर में अब शिवमहापुराण कथा वाचक प्रदीप मिश्रा का समारोह भी आयोजित करवाया जा सकता है। ज्ञात हो कि 2017 में मंत्री महाजन के प्रयासों से सोनबर्डी स्थित सोनेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कराया गया जिसे गीताधाम नाम से पहचाना जाता है। जामनेर तहसील की आध्यात्मिक विरासत प्राचीन समय से समृद्ध रही है।

कारखाने लगते तो और अच्छा होता: जामनेर को गिरीश महाजन के रूप में दो बार कैबिनेट में जगह मिली लेकिन डबल इंजिन सरकार के माध्यम से अब तक MIDC विकसित नहीं हुई। खेती पूरक कारखाने जैसे कि शुगर मिल उससे संबंधित वाइन यूनिट, मकई के लिए स्टार्च ग्लूकोज फैक्टरी, कपास पर प्रक्रिया करने वाला टेक्सटाइल पार्क – सरकी तेल यूनिट, कपड़ा मिले और अन्य निजी कंपनियों से जुड़े उत्पादों के प्रोजेक्टस को खड़ा किया जाता तो रोजगार के माध्यम से समाज के वंचित तबकों के जीवन में आर्थिक आश्वस्तता बनी रहती खुशहाली आती ऐसी भावना आम नागरिकों और शिवभक्तों में व्यक्त की जा रही है। विदित हो कि जामनेर समेत जलगांव जिले के एरंडोल, अमलनेर, बोदवड, चोपड़ा, यावल MIDC में बड़े कारखानों के अभाव से बेरोजगारी की समस्या गंभीर है।
