संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षक फातिमा शेख का आज जन्मजयंती है. फातिमा शेख ने लड़कियों खासकर दलित और मुस्लिम समुदाय की लड़कियों को शिक्षित करने में सन 1850 के दौर में अहम योगदान दिया था. हालांकि आज फातिमा शेख के कार्यों के बारे में बहुत जानकारी उपलब्ध नहीं है लेकिन इस बात से सभी वाकिफ हैं कि फातिमा शेख ने दलित महिलाओं को शिक्षित करने का प्रयास करने वाली सावित्री बाई फुले और महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ काम किया था और उन्हें भरपूर सहयोग दिया था, श्रीप्रकाश सिंह निमराजे, अध्यक्ष, गोपाल किरन समाजसेवी संस्था ने यह बात कही। जिस वक्त सावित्री बाई फुले ने दलितों के उत्थान के लिए लड़कियों को शिक्षित करने का काम शुरू किया था, उन्हें घर से निकाल दिया गया था, उस वक्त फुले दंपती को फातिमा शेख ने अपने घर में जगह दी थी. सावित्री फुले ने जब स्कूल खोला उस वक्त बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं मिल रहे थे, लेकिन फातिमा शेख ने उनकी मदद की और स्कूल में लड़कियों को पढ़ाया. उनके प्रयासों से ही मुस्लिम लड़कियां स्कूल जाने लगीं. फातिमा शेख को दलित-मुस्लिम एकता के सूत्रधारों में से एक माना जाता है। इस अवसर पर से.नि. अपर आयुक्त आर. ए. मित्तल, जी, युवराज खरे, (रिसर्च स्कॉलर) आदि ने अपने विचार रखे और उनके जीवन से प्रेरणा लेने पर जोर दिया और
फातिमा शेख जी की जयंती पर शत् शत् नमन किया गया।
