मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री सुनिल कुरील की आपत्ति करने पर अपर सत्र न्यायाधीश, बुरहानपुर श्री आर के पाटीदार ने एक महिला के साथ दुष्किर्म करने वाले नगर के सियासी रसूख रखने वाले दो आरोपीगण की जमानत निरस्त कर दी। अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री सुनील कुरील ने बताया कि आरोपीगण के विरुद्ध एक महिला ने स्वंय साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए थाना कोतवाली बुरहानपुर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई जिस पर से थाना कोतवाली में आरोपीगण के विरुद्ध धारा 376, 506 भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। दिनांक 22 नवंबर 2021 को आरोपीगण के अधिवक्ता द्वारा अग्रीम जमानत आवेदन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिस पर अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री सुनील कुरील द्वारा इस आधार पर आपत्ति ली कि आरोपी द्वारा किया गया कृत्य महिला के विरुद्ध गंभीर प्रकृति का होकर बलात्कार से संबंधित है और अजमानतीय है। दोनो आरोपीगण ताकतवर लोग है यदि इनको अग्रिम जमानत दी जाती है तो आरोपीगण पुलिस अनुसंधान को प्रभावित कर सकते हैं। अभियोजन के साक्ष्यो के साथ साथ छेडछाड कर सकते है साथ ही अभियोजन साक्षीगण को डरा धमका सकते हैं। यदि जमानत का लाभ दिया जाता है तो महिलाओ के साथ हो रहे अपराधो में वृद्धि होने की संभावना है तथा आरोपीगण के फरार होने की संभावना है। आरोपी के जमानत आवेदन पर अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री सुनील कुरील द्वारा वैधानिक आपत्ति से सहमत होकर न्यायालय ने आरोपीगण का तर्क विश्वास योग्य नहीं माना और अग्रीम जमानत आवेदन निरस्त किया।
