परसराम साहू, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

देवरी विकासखण्ड में राजस्व विभाग के स्वयं भू जिम्मेदारों की कारगुजारिया अक्सर समचार पत्रों की सुर्खियां और जनचर्चा का विषय बन जाती हैं। ताजा मामला ग्राम चीमाढाना निवासी गरीब विधवा महिला की पैत्रिक भूमि से जुड़ा है, जिसके रिकार्ड में हेरफेर कर विभाग के जमीनी अमले ने उक्त भूमि पर दबंग की भूमि का नक्शा काटकर उस पर कब्जा भी करा दिया। मामले में लंबे समय से संघर्षरत महिला द्वारा एसडीएम देवरी को शिकायती आवेदन देकर न्याय की गुहार की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीडि़ता कमलरानी बेबा बलराम गुर्जर ग्राम चीमाढाना की स्थाई निवासी है जिसकी चीमाढाना मौजा के खसरा नंबर 120/4 में पैत्रिक भूमि है जो उसके एवं उसके वारिसान के नाम दर्ज है। उक्त भूमि का कुछ हिस्सा फोरलेन सड़क से लगा हुआ है जिस पर एक रसूखदार द्वारा विगत 1 वर्ष से कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। उक्त भूमि के रिकार्ड की नकल प्राप्त पर पीडि़ता को ज्ञात हुआ कि राजस्व अधिकारियों की कारगुजारी से उसके भूमि रकबे में फर्जी तरीके से अन्य व्यक्ति की भूमि का नक्शा काटकर जबरन कब्जा करवाया जा रहा है। अनावेदक द्वारा राजनैतिक एवं राजस्व अधिकारियों के संरक्षण में निर्माण कार्य आरंभ भी किया जा चुका है। उक्त संबंध में पीड़ित विधवा द्वारा विगत 6 माह में राजस्व अधिकारियों को कई बार आवेदन देकर सुधार की मांग की गई है परंतु कोई राहत प्राप्त नहीं हो सकी है, पीड़िता द्वारा उक्त संबंध में विगत 21 जनवरी को सीमांकन हेतु आवेदन दिया गया था जिसका शुल्क जमा कराये जाने के बाद भी भूमि की माप एवं सीमांकन संभव नहीं हो सका है। तहसीदार के आदेश से भूमि की माप करने गये आरआई पटवारी आज दिनांक तक न तो उक्त भूमि पर पहुंच सके है न ही वस्तु स्थिति से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा सके हैं। विगत बुधवार को एसडीएम देवरी को दिए गये आवेदन में पीड़िता कमलाबाई ने आरोप लगाया कि उसकी भूमि पर दबंग अनावेदकों द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर राजस्व रिकार्ड में हेरफेर कर उसके स्वामित्व की भूमि में अन्य स्थान पर क्रय की गई भूमि दर्ज कराई गई है। पीड़िता द्वारा बताया गया कि अनावेदक द्वारा खसरा नंबर 120/03 में भूमि खरीदी गई है एवं राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत कर उसकी सड़क पर स्थित भूमि पर कब्जा कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पीड़िता का आरोप है कि अनावेदक दबंग व्यक्ति है जो उसके साथ गाली गलौच कर उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे है। इस संबंध में उसके द्वारा देवरी पुलिस थाना सहित अन्य
अधिकारियों को शिकायत की गई है परंतु राजनैतिक प्रभाव में कोई कार्रवाई संभव नहीं हुई है। पीड़िता ने आवेदन में आरोप लगाया कि उक्त भूमि की खरीद में अनावेदक द्वारा कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग कर फर्जीबाड़ा किया गया है जिसकी जांच एवं कार्रवाई आवश्यक है। मामले में ज्ञापन प्राप्त कर एसडीएम अमन मिश्रा द्वारा उक्त मामले में तहसीलदार देवरी को तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विदित हो कि देवरी विकासखण्ड में पदस्थ राजस्व विभाग के जमीनी अमले की विवादित कार्यप्रणाली सदा से ही चर्चा का विषय रही है। शासन के सख्त निर्देशों के बाद भी भूमियों की माप, सीमांकन, फौती सहित गिरदावरी कार्य न तो तय समय किया जाता है न ही जिम्मेदार अपने मुख्यालयों पर उपस्थित रहते हैं। सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाने में माहिर विभाग के जमीनी अधिकारियों की विवादित कार्यप्रणाली के चलते क्षेत्र के कृषकों एवं गरीब मजदूरों में व्यापक असंतोष है। राजस्व मंत्री के अपने जिले में राजस्व अधिकारियों की नफरमानी एवं मनमानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
