सहायक शिक्षक को दी गई भावभीनी विदाई, द्वितीय राज्य स्तरीय आचार्य सम्मान व अक्षर मित्र सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं विलास बेंडे | New India Times

मो. मुजम्मिल, छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

सहायक शिक्षक को दी गई भावभीनी विदाई, द्वितीय राज्य स्तरीय आचार्य सम्मान व अक्षर मित्र सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं विलास बेंडे | New India Times

छिन्दवाड़ा जिले के हर्रई विकासखण्ड शैक्षणिक अंचल के संकुल केंद्र धनोरा अन्तर्गत प्राथमिक शाला अण्डोल में पदस्थ सहायक शिक्षक विलास बेंडे के सेवानिवृत्ति पर शुक्रवार को विदाई समारोह का आयोजन वर्तमान महामारी को देखते हुए ऑनलाइन व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षकों ने कहा कि प्राथमिक शाला अण्डोल में लगातार 35 वर्षों तक विलास बेन्डे ने अपनी सेवा दी है। सन् 1986 में वे शिक्षक बने एवं 15 अगस्त 1996 को अक्षर मित्र सम्मान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मध्यप्रदेश शासन मंत्री प्रेमनारायण ठाकुर द्वारा एवं 15 अगस्त 2008 राज्य स्तरीय आचार्य सम्मान मध्यप्रदेश शासन मंत्री कमल पटेल द्वारा प्रशस्ति पत्र व शाल श्रीफल देकर सम्मानित किया गया है। इस विदाई के अवसर पर संकुल प्रचार्य पी. डेहरिया ने कविता के माध्यम से कहा कि शिक्षा जगत में विलास बेंडे की एक विशेष पहचान है, उन्होंने यहांं की दो- तीन पीढियों को पढ़ाया है व विभिन्न क्षेत्रों में उनके विद्यार्थी सेवा दे रहे। उनका क्रियाकलाप बच्चों एवं शिक्षकों को चिरस्मरणीय रहेगा। जनशिक्षक सुभाष नेमा ने कहां कि संपूर्ण साक्षरता अभियान में समर्पण भाव से कार्य किया जिसके लिए आपका व्यवहार हमेशा सेवाभावी एवं सहयोगात्मक रहा आपने निस्वार्थ भाव से सभी की मदद की जो सराहनीय है, योगदान एवं सेवानिवृत्त होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। लेकिन अपने कार्यकाल में इन्होंने जिस तरह बेहतर प्रदर्शन किया वह हमेशा अनुकरणीय है। शिक्षक चंद्रकुमार डेहरिया ने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते हैं वे हमेशा समाज के लोगों को एक नई दिशा प्रदान करते हैं। जनशिक्षक सुरेश उइके ने कहा कि छात्र-छात्राओं का हमेशा सही मार्गदर्शन करते रहे है। उनके शिक्षा से लाभान्वित होकर कई छात्र-छात्राओं ने अपना करियर बनाया तथा समाज में एक मिसाल कायम की। शिक्षक द्वारका डेहरिया ने कहा कि विद्यालय के बच्चों के विकास में इनका योगदान सराहनीय रहा है। शिष्य व शिक्षक सुरेश डेहरिया ने श्रेष्ठ गुरु व सच्चे मार्गदर्शक बताया। विद्यार्थी चंचलेश डेहरिया ने कहां कि आप ऊर्जा, उत्साह, ईमानदारी, प्रेम, अनुशासन और मेरे प्रेरणास्त्रोत है। मौके पर संकुल के विभिन्न शिक्षकों द्वारा उन्हें अनंत संदेशों के माध्यम भावभीनी विदाई दी एवं सभी शैक्षणिक/ गैर शैक्षणिक स्टाफ ने निरोगमय व दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। आभार में सहायक शिक्षक बेंडे ने वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए सभी से अपील की है की घर रहें, सुरक्षित रहे, मास्क का उपयोग करें व स्वयं को एवं अपने परिवार को इस महामारी से सुरक्षित रखने की अपील की।

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