अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

कोरोना वारयस के चलते हुए लॉकडाऊन के कारण सभी लोगों का इस समय काम काज ठप्प हो चुका है जिसमें घर चालाना बहुत मुश्किल हो रहा है। ऐसी स्थिति में भारी भरकम बिजली के बिल आने के कारण छोटे व्यापारी एवं मजदूर वर्ग की चिंताएं बढ़ गई हैं।
लगभग डेढ़ माह से पूरे देश में लाॅक डाउन चल रहा है। लोग सरकार के निर्देशों का पालन कर अपने अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। लोगों की जिंदगी थम सी गई है। लोगों का कहना है कि सरकार बिजली का बिल माफ करे ताकि लोग कुछ हद तक राहत की सांस ले सकें। लाॅकडाउन के चलते काम काज बंद होने के कारण वितिय संकट सभी परिवारों पर छाया हुआ है। ऐसे में सरकार द्वारा सभी के तीन महीने के बिजली बिलों को माफ किया जाना चाहिए। लोगों का कहना है कि बिजली के बिल माफ होने से ग़रीब परिवारों के ऊपर जो बिजली के बिल का भय बना हुआ है कम से कम वह तो खत्म हो जाएगा। बिजली के बिलों का खतरा सिरों पर मंंडरा रहा है जो की सरकार को सोचते हुए सभी के बिजली के बिल माफ करने चाहिए। अगर सरकार ने बिजली के बिलों को माफ न किया तो सभी परिवारों के ऊपर घर चलाने के साथ साथ बिजली के बिल की भी परेशानी बढ़ जाएगी ।ऐसे में घर चलाना काफी मुश्किल हो रहा है ।दूसरी तरफ इस गर्मी में अगर बिजली का बिल नही देते है तो बिजली कटने का भी डर है। जिस से सभी वर्ग को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
