पांच लाख की रिश्वत के साथ पकड़े गए इंजीनियर का आका कौन ? डबरा बन गया PWD | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

पांच लाख की रिश्वत के साथ पकड़े गए इंजीनियर का आका कौन ? डबरा बन गया PWD | New India Times

जलगांव लोकनिर्माण विभाग के मुख्यालय में जूनियर इंजीनियर योगेश अभिमन्यु अहीरे पांच लाख रुपए की रिश्वत के साथ रंगेहाथ पकड़ा गया है। सड़क के ठेके का 38 लाख रुपयों का बिल निकालने के लिए पहले अदा किए गए भुगतान के बदले तय किए गए रिश्वत के 15 लाख रुपए से 05 लाख रुपए नगद लेते धरा गया अहीरे सिस्टम का वो प्यादा है जिसे सिस्टम के सताए एक ठेकेदार ने आसानी से निशाना बनाया।

लोग एंटी करप्शन ब्यूरो से सवाल पूछ रहे हैं कि जिस टेबल से बिल भुगतान के लिए रिश्वत की मांग की गई थी वो अधिकारी कौन है ? महाराष्ट्र में PWD का भीतरी अफसरशाही सिस्टम भ्रष्टाचार के कारण इतना सड़ चुका है कि उसकी दुर्गन्ध मंत्रियों के वातानुकूलित कमरों में सुगंध की मान्यता रखती है। देवेन्द्र फडणवीस सरकार ने लोकनिर्माण विभाग के तबादलो को रोक रखा है। जलगांव PWD के मुख्य अभियंता प्रशांत सोनवने को औरंगाबाद (छ०संभाजीनगर) भेजा गया था। सोनवने आज भी जलगांव के मुख्य अभियंता की कुर्सी को गोंद लगाकर बैठे हैं।

सूत्रों के मुताबिक उनके पास नासिक PWD का पदभार बताया जा रहा है। सोनवने के केस पर से ध्यान भटकाने के लिए निचले स्तर पर कुछ कार्यकारी अभियंताओं को जलगांव से बाहर नासिक डिविजन में ट्रांसफर कर दिया गया है। प्रशासन की समझ रखने वाले जानकारों के मुताबिक अतीत में किए गए सैकड़ों करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार को छुपाने और भविष्य में और भ्रष्टाचार करने के लिए सरकार के मंत्री अपने अपने चहीते अधिकारियों को सेवा विस्तार दे रहे हैं। जलगांव लोकनिर्माण विभाग में इरिगेशन से संबंधित कुछ ऐसे प्रोजेक्ट्स है जिनमें सैकड़ों करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार किया गया है।

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