संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

जीवाजी विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के छात्रों के सामने इन दिनों बड़ी असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षाएं 7 मई से प्रारंभ होने जा रही हैं, जबकि आंतरिक मूल्यांकन अंकों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि 8 मई निर्धारित की गई है।
अखबार में प्रकाशित सूचना के अनुसार, कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय सीमा तक विद्यार्थियों के आंतरिक अंक पोर्टल पर अपडेट करें। इसके बाद ही छात्रों के एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि परीक्षा शुरू होने से पहले छात्रों को प्रवेश पत्र कैसे उपलब्ध हो पाएंगे।
इस स्थिति के चलते हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता का माहौल है। कई छात्र इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि बिना एडमिट कार्ड के परीक्षा में शामिल होना संभव होगा या नहीं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जब तक कॉलेजों द्वारा आंतरिक अंक अपलोड नहीं किए जाते, तब तक एडमिट कार्ड जारी करना संभव नहीं है। वहीं, सूत्रों के अनुसार यदि कोई कॉलेज समय सीमा तक अंक अपलोड नहीं करता है तो संबंधित संस्थान पर आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है।
इसके अलावा जिन छात्रों के आंतरिक अंक समय पर अपडेट नहीं होंगे, उन्हें परीक्षा परिणाम में अनुपस्थित भी माना जा सकता है।
अब सभी की निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन पर टिकी हैं कि इस तकनीकी और प्रशासनिक समस्या का समय रहते समाधान कैसे निकाला जाएगा, ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।

