मोहम्मद सिराज, ब्यूरो चीफ, पांढुर्णा (मप्र), NIT:

आराध्य देवी भक्त शिरोमणि मां कर्मा देवी की जयंती के पावन अवसर पर पांढुर्णा का तेली समाज भक्ति और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया। तेली समाज संगठन द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने पूरे नगर में समाज की एकजुटता और मातृशक्ति के सम्मान का संदेश दिया। विशाल बाइक रैली की गड़गड़ाहट और “मां कर्मा की जय” के जयकारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा। इस आयोजन में जहां समाज के उत्थान की रूपरेखा पर चर्चा की गई, वहीं भविष्य के लिए एक बड़ा संकल्प भी लिया गया।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां
1. महापुरुषों के आशीर्वाद से भव्य बाइक रैली
मां कर्मा जयंती के उपलक्ष्य में तेली समाज के युवाओं और वरिष्ठों ने मिलकर एक विशाल बाइक रैली निकाली। रैली का शुभारंभ संत जगनाडे महाराज की प्रतिमा के समक्ष ह.भ.प. भीमरावजी कोठे महाराज और तेली समाज के अध्यक्ष भूषण केवटे द्वारा किया गया। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए पंचशील चौक, जलाराम चौक, मार्बल नाला, संतोषी माता वार्ड रोड और पंढरी वार्ड से गुजरते हुए संत जगनाडे महाराज सभागृह पहुंची, जहां यह एक विशाल सभा में परिवर्तित हो गई।
2. मां कर्मा के जीवन से प्रेरणा और एकजुटता का संदेश
सभागृह में आयोजित वैचारिक सत्र में वक्ताओं ने मां कर्मा देवी के प्रेरक जीवन और उनके चमत्कारों पर प्रकाश डाला। तेली समाज के अध्यक्ष भूषण केवटे ने अपने संबोधन में समाज के सभी वर्गों को एकजुट रहने का संदेश दिया। वहीं मदन साहू ने समाज के लोगों से व्यक्तिगत स्वार्थ छोड़कर समाज के चहुंमुखी विकास के लिए कार्य करने की अपील की।
3. “महिला ही रचयिता है” — मातृशक्ति को आगे आने का आह्वान
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर भी विशेष जोर दिया गया। तेली समाज महिला संगठन की अध्यक्षा देवीकाताई भांगे ने अपने संबोधन में कहा कि “महिला ही रचयिता है”, इसलिए महिलाओं को केवल घर तक सीमित न रहकर समाज के नवनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
4. ऐतिहासिक घोषणा — मां कर्मा देवी की प्रतिमा होगी स्थापित
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह रहा जब मंच से भविष्य की बड़ी योजना की घोषणा की गई। अध्यक्ष भूषण केवटे ने कहा कि जिस प्रकार पांढुर्णा में संत जगनाडे महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, उसी तर्ज पर आने वाले समय में मां कर्मा देवी की भी एक भव्य प्रतिमा पांढुर्णा में स्थापित की जाएगी। इस घोषणा से समाज में उत्साह का माहौल बन गया।
5. समाजबंधुओं और मातृशक्ति की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में तेली समाज के गणमान्य नागरिकों, युवा इकाई और महिला मंडल की सक्रिय भूमिका रही।
प्रमुख समाजबंधु:
ह.भ.प. भीमरावजी कोठे, सुनील धावड़े, भूषण केवटे, प्रशांत सांबारे, योगीराज वानोडे, विष्णु लेंडे, मदन साहू, महेश साहू, विनोद साहू, भानु साहू, भीमराव सांबारे, शांताराम केवटे, नरेश वघाले, मनीष मेटांगले, शंकर लेंडे, राम साहू, पुरुषोत्तम वघाले, मोरेश्वर रेवतकर, नारायण लेंडे, विनोद सांबारे, कैलाश बावनकर, रवि बावनकर, नयन घोडे, मनोज घोडे, शेषराव रेवनकर, संजय क्षीरसागर, विजय दुधुलकर, मोरेश्वर ब्रम्हे, उमेश बालपांडे, पंडित विनोद घोडे, विपिन बावनकर, दिनेश क्षीरसागर, निरंजन घोडे और दिलीप ढोमणे।
महिला मंडल (मातृशक्ति):
देवीकाताई भांगे (अध्यक्षा), रंजनाताई घाटोडे (संरक्षक), रेवतीताई घोडे (उपाध्यक्ष), रश्मीताई कलमधाड (कोषाध्यक्ष), शोभाताई घोडे (सचिव), नेहाताई भद्रे, शीलाताई सांबारे, कविताताई घोडे, दिपालीताई भांगे, योगिता घोडे, राधिकाताई बारई, लिनाताई कोल्हे, अश्विनीताई कोरडे, प्रभाताई लेंडे, रविनाताई घोडे, बबीताताई खुर्संगे, हर्षाताई क्षीरसागर, प्रीति साहू, ज्योति साहू और रुपालीताई कोल्हे।

