वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

गोला डिपो (बस स्टैंड) में एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें डिपो से जुड़े कुल 122 कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की गई। शिविर में चालक, परिचालक, एआरएम, संचालक, सफाई कर्मी, मिस्री सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि शिविर के दौरान एचआईवी, सिफीलिस, हेपेटाइटिस-बी (एचबीएसएजी), हेपेटाइटिस-सी (एचसीवी) और टीबी (क्षय रोग) की स्क्रीनिंग की गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार हेपेटाइटिस-बी के 2 मामले सामने आए, जबकि सिफीलिस का 1 मामला रिएक्टिव पाया गया। राहत की बात यह रही कि एचआईवी का कोई भी मामला रिएक्टिव नहीं मिला।
टीबी की जांच के अंतर्गत 37 लोगों का एक्स-रे कराया गया तथा 9 कर्मचारियों के स्पुटम (बलगम) सैंपल की जांच की गई। इसके अतिरिक्त 80 कर्मचारियों की नेत्र जांच भी की गई।

शिविर में मौजूद चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने कर्मचारियों को नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि एचआईवी, टीबी, हेपेटाइटिस और सिफीलिस जैसी बीमारियों की समय पर जांच से रोग की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो जाती है, जिससे समय रहते उपचार संभव होता है और गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य शिविर में डॉ. सुधांशु त्रिपाठी, चित्रांशु समाज कल्याण परिषद के प्रतिनिधि, एचआईवी-टीबी कोऑर्डिनेटर, डीएसआरसी काउंसलर, पीपीटीसीटी जिला महिला अस्पताल, एनटीईपी स्टाफ तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोला का स्वास्थ्य स्टाफ मौजूद रहा। सभी ने कर्मचारियों से अपील की कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें।
