गणेश मौर्या, ब्यूरो चीफ, अंबेडकर नगर (यूपी), NIT:

जिले के जलालपुर तहसील अन्तर्गत कजपुरा ग्राम पंचायत में एक ही गाटे में बने निर्माण को दो नामों से भिन्न- भिन्न दिखाना यह संदेह उत्पन्न करता है कि किस अधिकारी व विभाग की आख्या/रिपोर्ट ग्रामीण सही माने जबकि ग्राम कजपुरा स्थित गाटा संख्या 573 जो सार्वजनिक भूमि खलिहान खाते में दर्ज है जिस पर राजस्व टीम पैमाइश उपरांत वर्ष 2018 में ही प्राइवेट विद्यालय अवैध अतिक्रमण के बाबत रिपोर्ट तैयार कर 167(1) की कार्यवाही कर तहसीलदार न्यायालय जलालपुर में मुकदमा पंजीकृत किया जिस पर तहसीलदार जलालपुर ने 15 जनवरी 2024 को उक्त सार्वजनिक भूमि खलिहान पर हुए प्राइवेट स्कूल के अवैध अतिक्रमण के बाबत बेदखली का अंतिम आदेश जारी कर दिये पर आज तक जलालपुर तहसील के राजस्व कर्मचारी व अधिकारी उक्त गाटें पर हुए अवैध निर्माण को न हटाकर दिया जा रहा कब्जेदार को संरक्षण, इतना सब होने के बाद भी उक्त सार्वजनिक भूमि खलिहान गाटा संख्या 573 पर बने प्राइवेट विद्यालय को शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी विकासखंड जलालपुर के खण्ड शिक्षा अधिकारी मीनाक्षी सिंह ने गाटा संख्या 575 बताया है जबकि गाटा संख्या 575 में निजी मकान व मंदिर बना है और कुछ अंश बिल्कुल खाली है यहीं नहीं प्राथमिक विद्यालय कजपुरा के गाटा संख्या को भी अपनी रिपोर्ट में गलत गाटा संख्या दिखाना यह स्पष्ट करती है कि या तो उक्त विद्यालय शिक्षा विभाग के रिकार्ड में कुछ और स्थलीय निर्माण अवैध अतिक्रमण कर अन्य गाटे की भूमि पर बनाया गया है एक जिम्मेदार अधिकारी इस तरह बिना स्थलीय जांच के विद्यालय का निर्माण व गलत गाटा संख्या बताना अपने पद के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाना घोर लापरवाही का द्योतक है और दूसरी तरफ सार्वजनिक भूमि पर हुए अनैतिक कब्जे को गलत गाटा संख्या बताकर संरक्षण देना राजस्व टीम के आदेश व रिपोर्ट को ढेंगा दिखाने जैसा है ।

