जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि सामाजिक न्याय विभाग ने रोक रखी है। प्रवक्ता जमशेद आलम में आरोप लगाया है मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि फरवरी से लेकर अब तक कन्याओं के खाते में नहीं डाला गया। लगभग
850 नवविवाहित जोड़ें कर रहे राशि का इंतेजार: मध्य प्रदेश महिलाओं लाभ दिए जाने वाली योजना मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत फरवरी माह में बालाघाट मुख्यालय पर आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए लगभग 850 नवविवाहित जोड़ें आज तक शासन द्वारा घोषित सहायता राशि 49000/- का इंतज़ार कर रहे परिवारों लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं जिसमें 6000/-बालाघाट नगर पालिका आयोजन करता को भी मिलना बाकी है। ऐसे यह मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह एवं निकाह योजना लगभग 55000/- की होती है।
इस संबंध में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता एवं नेताओं ने सामाजिक न्याय विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि जानबूझकर लापरवाही की जा रही है जबकि मुख्यमंत्री स्वेच्छा से आगे आकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाना उचित समझते हैं। उन्होंने नाराजगी जताई है और इसे शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बताया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस एमडी प्रवक्ता जमशेद आलम ने कहा कि शीघ्र राशि नहीं डाली गई तो आंदोलन करेंगे मुख्यमंत्री निवास पर घेराव किया जाएगा जिसकी जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। विवाह की सभी प्रक्रियाएं शासन के दिशा-निदेशों के अनुरूप पूरी की गईं, सभी लाभार्थियों के दस्तावेज भी विधिवत प्रस्तुत किए गए, फिर भी अब तक एक भी लाभार्थी को सहायता राशि नहीं मिली है। इससे विवाहित जोड़ों के बीच असमंजस और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का उद्देश्य मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में जुड़े परिवारों को वैवाहिक सहयोग प्रदान करना है, लेकिन जब लाभार्थियों को समय पर सहायता नहीं मिलती तो योजना का भरोसा और उद्देश्य दोनों ही कमज़ोर पड़ते हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ऐमडी जमशेद आलम ने मांग की है सामाजिक न्याय विभाग की लापरवाही से कन्याओं के खाते में पैसे नहीं डाले गए जैसे शीघ्र डाला जाना चाहिए बताया कि जिले के अन्य जनपद पंचायतों में बाद में आयोजित हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में लाभार्थियों को चेक वितरित किए जा चुके हैं।
केवल बालाघाट में आयोजित कार्यक्रम के जोड़े ही अब तक वंचित हैं, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं यह प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण न बन जाए। पूर्व जनपद सदस्य श्री नागेश्वर ने कलेक्टर बालाघाट का ध्यानाकर्षण कराते हुए मांग की है कि नगरपालिका बालाघाट द्वारा आयोजित लाभार्थियों को शीघ्र राशि प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि यह शासन की प्रतिष्ठा से जुड़ा मामला है।

