बुरहानपुर ताप्ती मिल श्रमिकों के साथ खड़े हैं हम, हर संभव मदद करेंगे: अर्चना चिटनिस | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर ताप्ती मिल श्रमिकों के साथ खड़े हैं हम, हर संभव मदद करेंगे: अर्चना चिटनिस | New India Times

सोमवार को नेशनल टैक्सटाइल कार्पाेरेशन के उपक्रम बुरहानपुर ताप्ती मिल में श्रमिकों की समस्याओं के निराकरण और मिल का उत्पादन पुनःशुरू करने हेतु बुरहानपुर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने मिल प्रबंधन, श्रमिकों यूनियनों के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की, जिसमें उन्होंने  बैठक में मिल की वर्तमान परिस्थितियोें से अवगत कराया तथा रुका वेतन एवं मिल में उत्पादन कैसे शुरू हो इस पर चर्चा कर शीघ्र ही राज्य सरकार और केंद्र सरकार से प्रतिनिधि मंडल के साथ भेंट करने का आश्वासन दिया।
इस दौरान सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विजय कार्ले, ज्योतिबा धड़स, दिलीप दिवेकर, समर्थ चिटनिस, इंदलसिंह ठाकुर, आशीष शुक्ला, संभाजीराव सगरे, अजय पाठक, संजय सागरे, रूद्रेश्वर एंडोले एवं सोहनलाल सरोज सहित श्रमिक पदाधिकारी व श्रमिक उपस्थित रहे। श्रमिक यूनियनों के पदाधिकारी और श्रमिकों ने मांग रखी कि मिल का उत्पादन पुनःशुरू किया जाए। साथ ही विगत 7 माह से रूके वेतन नियमित रूप से मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।

श्रीमती अर्चना चिटनिस ने टेक्सटाइल नगरी बुरहानपुर में कोविड के समय से बुरहानपुर-ताप्ती मिल बंद है। नेशनल टैक्सटाइल कॉरपोरेशन की यूनिट बुरहानपुर ताप्ती मिल की स्थिति से केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह से श्रमिकों के प्रतिनिधि मंडल के साथ मुलाकात कर अवगत कराएंगे। केंद्र सरकार ने 100 करोड़ देकर मिल का आधुनिकीकरण किया था। इससे मिल में प्रत्यक्ष रूप से 800 श्रमिक रोजाना काम करते थे। वहीं, परोक्ष रूप से करीब 1200 परिवार जुड़े थे। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि ताप्ती मिल का वर्क कल्चर बेहद अच्छा था, जिसके चलते यह मिल कभी भी घाटे में नहीं गई। एनटीसी की 25 मिलों में से ताप्ती पहले पायदान पर थी, लेकिन 2020 में कोरोना काल से इस मिल का संचालन बंद कर दिया गया है। इससे 1200 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए ताप्ती मिल को दोबारा शुरू करने की मांग की गई।

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