नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जलगांव जिले के मुक्ताई नगर ब्लॉक में वोटों के लिए सरकार की तिज़ोरी को साधा गया है। सूत्रों से मिली जानकारी से पता चलता है कि कोरोना के समय 2019-20, 2020-21 में हजारों अपात्र लाभ धारकों को पात्र ठहराकर संजय गांधी पेंशन योजना, इंदिरा गांधी पेंशन योजना, श्रवणबाल पेंशन योजना का लाभ दिया गया है। उस समय पेंशन स्क्रुटनी कमेटी पर कोई गैर सरकारी शख़्स कमेटी अध्यक्ष नहीं था। राजस्व प्रशासन के अधिकारियों ने किसी नेता के इशारे पर ताबड़तोड़ तरीके से हजारों प्रकरण मंजूर करवा दिए।

चुनाव में नेता वोट पा गए लेकिन पेंशन की आड़ में खरीदे गए वोटों के लिए दिया जाने वाला प्रति माह 1500 रुपया सरकारी तिज़ोरी पर आज भी बोझ बना हुआ है। इस प्रकार से पात्र किए गए अपात्र खोजने गए तो महाराष्ट्र के 410 ब्लॉक्स में लाखों नकली लाभ धारक मिलेंगे। हमारा गणित सही निकला तो महाराष्ट्र में हर महीने कम से कम 500 करोड़ रुपया अपात्र लोगों को पेंशन के रूप में दिया जाता है। बजट सत्र 2024-2025 के कामकाज में मुक्ताई नगर के इस पेंशन घोटाले को उठाने की तैयारी विपक्ष ने कर ली है। फडणवीस सरकार ने आगामी लोकल बोर्ड चुनावों के लिए राज्य में 100 दिन का शीघ्र कृति कार्यक्रम चला रखा है। इसी प्रोग्राम में प्रशासन के भीतर छुपे भ्रष्टाचार की जांच मुहिम आरंभ कर दोषियों को नापा जाता तो सही मायने में कुछ हद तक सरकार की इमेज़ चमकाई जा सकती है।
