रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

मेघनगर में चल रही धर्म की बयार में गुरुवार को ज्ञानतत्व तपोमय चातुर्मास के अंतर्गत पूज्य साध्वीजी श्री तत्वलताश्रीजी म.सा. आदि ठाणा – 4 की निश्रा में प्रकट प्रभावी पुरुषादानीय तीर्थंकर परमात्मा श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि श्री शंखेश्वर दादा को यह प्रतिमा हजारों हजार वर्ष प्राचीन गत चौबीसी में श्री दामोदर तीर्थंकर परमात्मा के समय की है।
ऐसे पार्श्वनाथ परमात्मा के जन्म कल्याणक के समय प्रतिवर्ष पौष दशमी के अवसर पर लाखो भक्त दादा के अट्ठम तप की आराधना करते है, दादा का प्रभाव इतना है कि, आज दादा का हर भक्त हर परिस्थिति में सर्वप्रथम यदि किसी को पहले याद करता है तो वो श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ दादा को, ऐसे पार्श्वनाथ दादा के गुरुवार से अट्ठम तप की आराधना प्रारंभ हुई है, जिसमें 60 से अधिक आराधक अट्ठम की आराधना कर रहे है, जिसका पारणा 4 अगस्त को होगा। इस दौरान पार्श्वनाथ दादा के हजारों जाप भी भक्तो द्वारा किए जायेंगे।
उक्त जानकारी देते हुए रजत कावड़िया ने बताया की आज अट्ठम तप के प्रथम दिवस, श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान के चित्र की स्थापना की गई,
जिसका कि लाभ श्रीमती मुन्निबेन भगवानलाल जैन, देवेंद्र जैन (नाना कपल स्टूडियो) परिवार ने लिया।
