रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

आपात स्थिति में यात्रियों को भोपाल और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर इलाज मिल सकेगा।
ये सुविधा सितंबर से यात्रियों को मिलेगी। बदले में रियायती फीस अदा करनी होगी। रेलवे ने इसके लिए प्राइवेट हॉस्पिटल से एमओयू करेगा। इसमें शर्त रहेगी कि मेडिकल क्लीनिक में डॉक्टर समेत अन्य पैरा मेडिकल स्टॉफ तीन शिफ्ट में सातों दिन
मौजूद रहेगा। जिससे की वे अपनी सेवा दे सकेंगे। और लोगों को इसका लाभ होगा और रेलवे को भी रेवेन्यू में मदद मिलेगी।
इस कैटेगरी के स्टेशनों पर अब प्राइवेट अस्पताल अपना क्लीनिक खोलकर लोगों का इलाज़ कर सकेंगे। अभी ये व्यवस्था देश के ए-1 श्रेणी के अस्पतालों में की जा रही है। इस कैटेगरी के स्टेशनों पर अब प्राइवेट अस्पताल अपना क्लीनिक खोलकर लोगों का इलाज कर सकेंगे।
इसका फायदा यह होगा कि ट्रेन, स्टेशन आदि पर बीमार होने वालों के अलावा आसपास के क्षेत्रों के लोग भी अचानक अस्वस्थ होने पर इलाज करवा सकेंगे। वहीं, रेलवे को अपना रेवेन्यू बढ़ाने में मदद मिल सकेगी। मौजूदा व्यवस्था में स्टेशन प्रबंधन की ओर से ऑन कॉल रेलवे हॉस्पिटल का डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टॉफ उसे अटेंड करता है। पूर्व में एक-दो प्राइवेट हॉस्पिटल से अनुबंध किया गया, लेकिन व्यवस्था कायम नहीं रह सकी। इस कारण नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय हुआ है। रेल अधिकारियों के मुताबिक एमओयू में इस बात का ध्यान जाएगा कि स्टेशनों पर प्राइवेट हॉस्पिटल के माध्यम से तैनात किए जाने वाले डॉक्टरों की फीस कम रहे, ताकि हर व्यक्ति को इलाज मिल सके।
ये व्यवस्था भोपाल स्टेशन पर सितंबर तक होगी शुरू
रेलवे अफसरों का कहना है कि व्यवस्था कायम होने पर रेलवे हॉस्पिटल पर निर्भरता कम हो जाएगी। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया का कहना है कि सभी औपचारिकताओं को पूरा कर सितंबर के पहले या दूसरे सप्ताह तक इस व्यवस्था को भोपाल स्टेशन पर शुरू करने का प्रयास होगा।
सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम भोपाल
