वंदे भारत स्लीपर: केंद्र सरकार की ओर से जारी अंतरिम बजट में रेलवे को दिया गया बड़ा तोहफा | New India Times

जमशेद आलम, भोपाल/नई दिल्ली, NIT:

वंदे भारत स्लीपर: केंद्र सरकार की ओर से जारी अंतरिम बजट में रेलवे को दिया गया बड़ा तोहफा | New India Times

वंदे भारत स्लीपर: केंद्र सरकार की ओर से गुरुवार को जारी अंतरिम बजट में रेलवे को बड़ा तोहफा दिया गया है। इस दौरान 40 हजार बोगियों को वंदे भारत मानक बोगियों में तब्दील करने की बात कही गई है।

वंदे भारत स्लीपर: वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के यात्रियों को डबल तोहफा मिलने जा रहा है। अब लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को सेमी हाई स्पीड के साथ स्लीपर की सुविधा भी मिल सकेगी। इसके लिए अब सिर्फ दो-तीन महीने का ही इंतजार बचा है। उम्मीद है कि वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर संस्करण का पहला सेट मार्च में पटरियों पर उतरने के लिए तैयार हो जाएगा।

खबर है कि मार्च में शुरुआत और जरूरी ट्रायल के बाद अप्रैल के पहले या दूसरे हफ्ते से स्लीपर वर्जन के नए सेट चलने शुरू हो जाएंगे। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन ट्रेनों का सीरियल प्रोडक्शन इस साल अगस्त या सितंबर से शुरू हो सकता है। रिपोर्ट में रेलवे अधिकारियों के हवाले से लिखा गया है कि स्लीपर कोच बनाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

किस रूट पर चलेगी स्लीपर ट्रेन?

फिलहाल वंदे भारत एक्सप्रेस देश के 39 रेलवे रूटों पर सेवाएं दे रही है। ये सभी चेयर कार हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में नए स्लीपर कोच दिल्ली से मुंबई, दिल्ली से हावड़ा और दिल्ली से पटना जैसे रूट पर रात भर यात्रा करेंगे।

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि यात्रियों को स्लीपर कोच में पहले से ज्यादा सुविधाएं मिलने वाली हैं। उन्होंने कहा कि स्लीपर संस्करण गुणवत्ता, स्थायित्व और सामर्थ्य के मामले में अंतरराष्ट्रीय मानक के होंगे। उन्होंने बताया है कि स्लीपर वर्जन के सभी सेट में आर्मर सिस्टम होगा और ये 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे।

40 हजार कोचों को वंदे भारत कोच में बदला जाएगा

केंद्र सरकार की ओर से गुरुवार को जारी अंतरिम बजट में रेलवे को बड़ा तोहफा दिया गया है। इस दौरान 40 हजार बोगियों को वंदे भारत मानक बोगियों में तब्दील करने की बात कही गई है। तीन रेल कॉरिडोर बनाने की भी योजना है। तीन मुख्य गलियारों में ऊर्जा, खनिज और सीमेंट गलियारा, बंदरगाह कनेक्टिविटी गलियारा और उच्च यातायात घनत्व गलियारा शामिल हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि इन नए गलियारों की पहचान पीएम गति शक्ति पहल के तहत की गई है। इसके अलावा, उच्च यातायात घनत्व वाले गलियारे तेज और सुरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।

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