गुलशन परूथी, ब्यूरो चीफ, दतिया (मप्र), NIT:

मेडिकल कॉलेज दतिया के सर्जरी विभाग द्वारा दिन प्रतिदिन नई नई तकनीक से जटिल सर्जरी की जा रही हैं, साथ ही सामान्य सर्जरी के लिए ऐसे तरीके अपनाए जा रहे हैं जो कि मरीज के लिए बहुत सहज हैं एवं देश दुनियां के लिए एडवांस्ड हैं, इसी क्रम में सर्जरी की ओटी में दतिया मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ सर्जन, सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. केदार नाथ आर्या के द्वारा सर्कमसीजन की नई एवं एडवांस तकनीक से सर्जरी की शुरुआत हुई है, दतिया मेडिकल कॉलेज के सर्जरी ओटी में नई तकनीक ( ZSR तकनीक) के द्वारा पेशाब की डंडी का खतना किया गया। ज्ञात हो कि खतना मुस्लिम समुदाय के लिए एक प्रथा है एवं कुछ बीमारियों जैसे फिमोसिस आदि के लिए भी किया जाता है।
मेडिकल कॉलेज के डीन डा दिनेश उदैनियां द्वारा सर्जरी विभाग की प्रशंसा की।
क्या है ZSR तकनीक? और क्या हैं इसके फायदे?
इस तकनीक में पेशाब की डंडी को स्टेपलर के द्वारा काटा और स्टेपल्ड कर दिया जाता है, और 1 घंटे बाद ही मरीज की छुट्टी भी कर दी जाती है एवं इसमें बेहोशी देने की जरूरत भी नहीं होती एवं कोई ब्लड लॉस नहीं होता।
