नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

दिल का दौरा पड़ने पर इलाज़ के बाद मुंबई से जलगांव पधारे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता एकनाथ खडसे की स्वास्थ स्थिती को मंत्री गिरीश महाजन ने नाटक करार देते हि जलगांव की राजनीति का पारा चढ़ गया। NCP ने गिरीश महाजन के बयान के खिलाफ निषेध आंदोलन किया। जवाबी प्रतिक्रिया मे खडसे ने महाजन के मंत्री पद से जुड़े ज्ञान – संज्ञान और अज्ञान पर जमकर तंज कसा। महाजन के समर्थन मे सोशल मीडिया पर कुछ नए चेहरे अपने अनमोल विचार व्यक्त करते नजर आए।

30 नवंबर को एकनाथ खडसे के नेतृत्व में आयोजित जनाक्रोश मोर्चा से NCP ने आगामी लोकसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया है। खडसे के तत्कालीन प्रभाव के कारण जलगांव और रावेर यह दोनों लोकसभा सीटें बीते तीस साल से भाजपा के कब्जे में है। आगामी लोकसभा चुनाव में रावेर से एकनाथ खडसे NCP के प्रत्याशी होंगे। खडसे के टक्कर में भाजपा के पास गिरीश महाजन के अलावा शायद हि कोई दूसरा चेहरा होगा। महाजन छह बार के विधायक हैं, पार्टी में उनकी तूती बोलती है , प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बेहद करीबी माने जाते हैं। खडसे – महाजन के कोल्ड वॉर से परेशान आम जनता भी लोकसभा चुनाव के नतीजे से इस बात का ठोस फैसला चाहती है कि जिले का असली जनाधार वाला नेता कौन होगा।
जामनेर में बैठक- 30 नवंबर के आंदोलन की तैयारियां करने के लिए जलगांव के सभी ब्लॉक में बैठकों का आयोजन कराया जा रहा है। जामनेर में नेता संजय गरुड़ के मार्गदर्शन में NCP की बैठक संपन्न हुई। विदित हो कि इस साल कपास की पैदावार और मार्केट बिक्री मूल्य दोनों हि काफी कम है। बीते साल कपास को उचित मूल्य नहीं मिलने से किसानों की परेशानी इस साल खेती की खस्ता हालत से काफ़ी बढ़ चुकी है। शिंदे – फडणवीस सरकार में मंत्री होने के नाते किसानों के सवालों पर गिरीश महाजन विपक्ष की ओर से घिरते नजर आ रहे हैं।
