नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

बड़े बड़े सरकारी प्रोजेक्टस निर्धारित समय में पूरे नहीं करने के कारण उनकी बढ़ती हुई लागत का भार जनता की जेब को उठाना पड़ता है। चुने हुए विधायक , सांसद प्रोजेक्ट्स को लेकर अपनी नाकामी छुपाते हुए कमीशन के लिए लंबे अर्से तक इन प्रोजेक्ट्स को खींचते रहते है ! इस चक्र में ठेकेदार और नेता मालामाल होते हैं ! न्यूज रिपोर्ट में प्रकाशित DGIPR के फेसबुक पेज में सिंचाई के साथ आधा दर्जन विभागों का जिम्मा लिए बैठे उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान को गौर से पढ़िए ! तापी सिंचाई प्राधिकरण को लेकर फडणवीस द्वारा दिया यह बयान 8 नवंबर का है ! प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक खबर है कि आज बुधवार 22 नवंबर की कैबिनेट बैठक की मेज़ पर वाघुर डैम लिफ्ट इरिगेशन योजना के लिए करोड़ों रुपए का फंड जारी किया जा सकता है !

खबर लिखने तक ऐसी कोई बात आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है ! UPA सरकार द्वारा 2011 में 250 करोड़ की लागत से बनने जा रहे इस प्रोजेक्ट में 3 हजार सिंचाई तालाबों का निर्माण कराना था जो अभी भी बाकी है ! इसी काम को पूरा करने के लिए इस मामले को आज कैबिनेट की मेज़ पर रखा जाना है ! प्रोजेक्ट के आर्थिक मांग का ब्योरा प्रस्तुत करने के लिए वाघुर विभाग के आला अधिकारी मंत्रालय में बैठे हैं ! विदित हो कि NCP नेता संजय गरुड़ के संज्ञान से उद्धव ठाकरे सरकार ने जामनेर ब्लॉक में वाघुर प्रोजेक्ट के विस्थापित किसानों के लिए 72 करोड़ रुपए रिलीज किए थे ! आज इसी विषय के दूसरे चरण का पैकेज घोषित किया जा सकता है ! ठाकरे के कार्यकाल में लिफ्ट प्रोजेक्ट के कामकाज के संबंध में प्रशासनिक स्तर पर कागजी खानापूर्ति पूरी कर ली गई थी लेकिन पैसों के अभाव से फंड जारी नहीं हो सका था ! कैबिनेट के फैसलों के बाद भाजपा की ओर से चुनावी मुनाफा कमाने के लिए विकास की ऐसी ऐतिहासिक राजनीति आरंभ हो जाएगी जिसमें जनता के मन में वर्ल्ड कप हारने का जो मलाल है वह गायब हो जाएगा !
