किराए से कमरा दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो शातिर ठगों को सायबर क्राइम की टीम ने राजस्थान से किया गिरफ्तार, 60 लाख से अधिक की ठगी का हुआ खुलासा | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

किराए से कमरा दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो शातिर ठगों को सायबर क्राइम की टीम ने राजस्थान से किया गिरफ्तार, 60 लाख से अधिक की ठगी का हुआ खुलासा | New India Times

वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा निर्देश एवं पुलिस उपायुक्त (DCP) अपराध श्री अमित कुमार, अति. पुलिस उपायुक्त श्री शैलेंद्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन में एवं सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सायबर श्री अक्षय चौधरी के दिशा निर्देशन में सायबर क्राइम ब्रान्च जिला भोपाल की टीम द्वारा ऑनलाइन हाउसिंग डॉट कॉम पर किराये से कमरा लेने हेतु सर्च किया, गूगल से प्राप्त मोबाइल नम्वर से बात करने पर विभिन्न किस्तों में फरियादी के साथ 81,200/- रूपये की ठगी करने वाले 02 मुख्य आरोपियों को पहाडी, भरतपुर राजस्थान से गिरफ्तार किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार 19/09/2022 को आवेदक के द्वारा सायबर क्राइम ब्रांच जिला भोपाल में लिखित शिकायत आवेदन दिया था कि मेरे द्वारा बैंगलोर में रहने के लिए कमरे किराए से लेने के लिए गूगल पर नम्बर सर्च किया गया जहां मुझे एक मोबाइल नम्बर 7379383084 मिला जिस पर मेरे द्वारा कॉल किया गया जिसने मुझे कमरे देने के लिए बताया साथ ही उसने मुझसे एडवांस पेमेंट करने के लिए बोला फिर उसने अलग-अलग किस्त में कुल 81,200/-रू की ठगी कर ली। शिकायती आवेदन की जांच उपरांत आये तथ्यों एंव बैंक से प्राप्त जानकारी के आधार पर बैंक खाता एवं लिंक मोबाइल नंबर के उपयोगकर्ताओं के विरूद्ध अपराध क्रमांक 126/2022 धारा 420 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

आरोपी विभिन्न सोशल मीडिया साइट जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, हाउसिंग डॉटकॉम एवं गूगल पर नम्बर डालकर कमरे किराए से देने के लिए विज्ञापन डालते हैं, जब किसी को जरूरत होती है तो वह दिए गए नम्बर पर कॉल कर संपर्क करते हैं इसके बाद आरोपी कमरे देने के नाम पर एडवांस राशि एवं तरह-तरह के चार्जेस बताकर लोगों से मोटी रकम ऐंठ लेते हैं। आरोपीगण कॉलिंग सीकरी भरतपुर राजस्थान से करते है एवं फ्रॉड के लिये बिहार एवं उडीसा के लोगों के खातों का उपयोग करते हैं। आरोपीगण द्वारा ट्रांजेक्शन की चेन तोडने के लिये फ्रॉड खातों में आये हुए पैसों को निकालकर अन्य खातों में ट्रांसफर कर पैसे निकाल लेते हैं। 

सायबर क्राइम जिला भोपाल की टीम द्वारा अपराध कायमी के पश्चात् त्वरित कार्यवाही कर तकनीकी एनालिसिस के आधार पर प्राप्त साक्ष्यों के माध्यम से पहाडी भरतपुर राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एण्ड्रोइड मोबाइल फोन, सिम, बैंक के डेबिट कार्ड को जप्त किया गया है। आरोपी द्वारा घटना में प्रयोग किये गये बैंक खातों के बारे में विवेचना व अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

इस कार्रवाई को पुलिस टीम में शामिल निरी. अशोक मरावी, उनि देवेन्द्र साहू, सउनि चिन्ना राव, आर. 3521 अजीत राव लेहरी, आर. 2411 धीरेंद्र यादव, आर. 3572 जितेन्द्र मेहरा एवं आर. 29 मनीष रघुवंशी ने अंजाम दिया है। 

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
1. मोहम्मद इमरान, ग्रेजुएट, खाता धारक एवं फ्रॉड राशि को निकलकर कमीशन पर मुख्य आरोपी को देना।
2. अजहरूद्दीन, 12वीं, कॉलिंग करना। 

क्राइम ब्रांच द्वारा जारी एडवाइजरी

वर्तामान में सायबर ठगों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं विभिन्न साइटों पर मकान किराए पर देने का विज्ञापन डालकर लोगों को किराए से कमरा देने के नाम पर एडवांस राशि के नाम पर विभिन्न किस्तों में मोटी रकम ऐंठ कर लोगो को ठगी का शिकार बना लिया जाता है।
निम्न बातों का हमेशा ध्यान रखेः-

कभी भी ऑनलाइन किराए से कमरा लेने के लिए गूगल पर नम्बर सर्च न करे।

सोशल मीडिया  पर दिए गए विज्ञापन की सत्यता की जांच कर लें।

किसी भी अननॉन बेवसाईट से कोई एप्पलीकेशन डाउनलोड न करें।

कभी भी किसी के साथ अपना ओपीट/सीवीवी/पासवर्ड/पिन आदि शेयर न करें।

ऑनलाइन अथवा फोन पर दिये गये लुभावने ऑफर के लालच में न पड़ें।

किसी ऑनलाइन लिंक पर क्लिक न करें।

कैश बैक या कैश रिवॉर्ड के नाम पर प्राप्त मैसेज में दिये गये नंबर पर कॉल न करें, जानकारी के लिए अपने बैंक में जाकर जानकारी प्राप्त करें। 

नोटः- सायबर काईम संबंधित घटना घटित होने की सूचना भोपाल सायबर क्राइम के हेल्पलाइन नम्बर 9479990636 अथवा राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें। 

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies. By continuing to use this site, you accept our use of cookies. 

Discover more from New India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading