साबिर खान, मीरा-भाईंदर/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

मीरा रोड नयानगर के दाऊल ऊलुम अजीजिया मदरसा व मस्जिद के मौलाना शराफत हुसैन खान पर दिनदहाड़े सरेआम बीच सडक पर हुए हमले को लेकर मुस्लिम समाज समेत अन्य धर्म के धर्मगुरूओं में डर व चिंता के माहौल पैदा हो गया है. ऐसे हालात को देखते हुए समाज के सभी धर्मस्थलों के गुरूओं व घर्मस्थलों को पुलिस संरक्षण देकर मौलाना पर हुए जानलेवा हमले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डीसीपी से कराने की मांग महाराष्ट्र एनसीपी के नेता व पूर्व राज्यमंत्री दर्जा, मनपा विरोधी पक्षनेता व मुस्लिम वेल्फेअर फाऊंडेशन के अध्यक्ष डॉ आसिफ शेख ने पुलिस कमिशनर सदानंद दाते से की है। मिरा भाईंदर वसई विरार पुलिस आयुक्त सदानंद दाते को दिये पत्र में डॉ आसिफ शेख ने कहा है कि नयानगर के सबसे पुराने 50 साल से चल रहे पहले दाऊल ऊलुम अजीजिया मदरसा व मस्जिद में 35 साल से मौलाना शराफत हुसैन खान ईमानदारी से काम करते हुए अपनी सेवायें दे रहे हैं। दो दिन पहले ही मीरा रोड के नयानगर में बीच सडक पर खुलेआम उनपर जानलेवा हमला हुआ जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गये. घायल होने के बाद उन्हें मीरा रोड के भक्तीवेदांत अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। हमले में मौलाना की एक आंख पूरा तरह क्षतीग्रस्त हो चुकी है। मौलाना पर हुए हमले में नयानगर पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार किया है लेकिन हमला का कारण अबतक पता नहीं चल पाया है। जिससे सभी लोगों में चिंता का माहौल है। मौलाना पर हुए हमले के बाद डॉ आसिफ शेख भक्तीवेदांत अस्पताल जाकर मौलाना से बातचीत कर उनका हालचाल पूछा और हरसंभव मदद करने और पुलिस प्रशासन से न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। इस बीच दाऊल उलूम अजीजिया मदरसा व मस्जिद प्रशासन के प्रमुख लोगों से भी डॉ आसिफ शेख ने बातचीत करते हुए मौलाना व उनके परिवार को हरसंभव मदद करने की अपील की। मीरा रोड के नयानगर में मौलाना पर हुए जानलेवा हमले को देखते हुए समाज के सभी धार्मिक प्रार्थना मंदिर, मस्जिद, चर्च, देरासर, गुरूद्वारा आदि के धर्मगुरूओं को पुलिस सुरक्षा देने की माँग करते हुए डॉ आसिफ शेख ने मौलाना पर हुए जानलेवा हमले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डीसीपी के टीम के जरीये कराने की माँग भी की है।
