नरेंद्र इंगले, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

दुनिया भर के 14 देशों में कोरोना के नए वेरियंट ओमिक्रोन के पाए जाने के बाद भारत में टीकाकरण की गति बढ़ा दी गई है. जामनेर तहसील जिसे मेडिकल के बारे में पाॅलिटिकल नेताओं ने प्रोपेगैंडा हब बनाया वहां प्रशासन की अथक परिश्रम से लगभग 70 फीसदी तक टीकाकरण पूरा कर लिया है. एक ही दिन में 12 हजार और सप्ताह में 40 हजार नागरिकों को टिका लगवाया गया है. क्षेत्र की कुल 3 लाख आबादी में 2 लाख लोगों को वैक्सीन का पहला डोज़ और 73 हजार लोगों को दूसरा डोज लगाया जा चुका है.
जिलाधीश डॉ अभिजीत राउत के आदेश के तहत स्वास्थ विभाग ने तहसीलदार अरुण शेवाले के मार्गदर्शन में टीकाकरण अभियान को तेज कर दिया है. TMO डॉ राजेश सोनवणे ने बताया कि जिन नागरिकों के पास किसी भी प्रकार का कोई पहचान पत्र नहीं है उनको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, वे लोग नजदीकी सरकारी अस्पताल जाएं और वहां अपना लिखित पंजीकरण करवाकर प्राथमिक पहचान को पंजीकृत कर टीका लगवा लें. इस काम के लिए प्रशासन उन्हें हर संभव सहायता करेगा. नगर निगम, नगर पंचायत, ग्राम सचिवालय इन संस्थाओं के प्रमुखों की मदद से तहसील में टीकाकरण अभियान सुचारू तरीके से चलाया जा रहा है. डॉ विनय सोनावणे, डॉ राजेश जैन, डॉ पल्लवी राउत, डॉ मनोज पाटील, डॉ संदीप कुमावत, डॉ नरेश पाटील, डॉ मोहित जोहरे, डॉ दानिश खान समेत सभी जिला परिषद टीचर, आंगनबाड़ी सेविका, गट प्रवर्तक टीकाकरण मुहिम में अपना योगदान दे रहे हैं. डॉ राजेश ने कहा कि वैक्सीन के दोनों डोज़ लेने वालों को ओमिक्रोन से प्रभावित होने का खतरा काफी कम होता है. अगर ऐसा व्यक्ति संक्रमित हुआ भी तो जीवक्षति नहीं होती है. हम तमाम नागरिकों से अपील करते हैं कि वे बिना किसी झिझक के नजदीकी सरकारी अस्पताल या वैक्सीन कैम्प जाकर टीकाकरण सुनिश्चित करवाएं. सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है. विदित हो कि दुनिया के 14 से अधिक देशों में पाए गए कोरोना के इस नए वेरिएंट ओमिक्रोन की खोज दक्षिण अफ्रीका की डॉ एंजेलिक केएत्ज़ी ने की है, उनके मुताबिक ओमिक्रोन के 30 से अधिक म्यूटेशन पाए गए हैं. भारत में ओमिक्रोन के 21 मामले पाए गए हैं जिनमें 10 से अधिक महाराष्ट्र से हैं. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने संबोधन में कह चुके है कि अगर हमें तालाबंदी से बचना है तो कोरोना के इस नए वेरिएंट से निपटने के लिए कोविड अनुशासन का पालन करना पड़ेगा साथ ही टीकाकरण को राष्ट्रीय कर्तव्य के रूप में निभाना है.
